Saturday, January 30, 2016

यहाँ तिरंगा जलाओ,पाकिस्तानी झंडा लहराओ,आज़ादी है।

हिंदुस्तान में एक पाकिस्तानी खिलाडियों को पसंद करने की आज़ादी है बिना किसी ख़ौफ़ के,बिना किसी रोकटोक के। हिंदुस्तान और पाकिस्तान के मैच के वक़्त आप हिंदुस्तान के एक बड़े हिस्से को पाकिस्तान समर्थक के रूप में महसूस कर सकते है। ये सब होता है खेल प्रेम और अभिव्यक्ति की आज़ादी । यहाँ हिंदुस्तान में पाकिस्तान का झंडा लहराने या तिरंगा जलाने पर भी कोई सख्त कार्यवाही नही होती। अब जरा सोचिये जो पाकिस्तान में हुआ विराट कोहली के एक फैन को दस साल की सजा दी जानी है । अगर वो हिंदुस्तान में होता तो यहाँ के ढोंगी बुद्धिजीवी और चापलूस लेखक सीना ठोक ठोक कर मर जाते या सड़को पर कपडे फाड़कर सरकार को गालियां बकते।कहते देश में असहनशीलता बढ़ रही है,और अवार्ड वापसी गैंग तो इतने अवार्ड लौटाने लगती है जितने कांग्रेस ने उनको कभी दिए भी नही। खैर छोड़िये..

Wednesday, January 27, 2016

हौंसला टूटे ना।

मेरे दोस्तों,

नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने से पहले यही देश के ढोंगी बुद्धिजीवी माहौल बनाने में लगे थे की देश में मार काट होगी खून खराबा होगा,उनकी सारी कोशिश तब बेकार हो गयी जब आपने देश को नरेन्द्र मोदी के हांथों में सौंप दिया। दो साल होने को आये जब उन बिकाऊ, चापलूस लेखकों और ढोंगियों ने देखा की देश में कुछ भी बुरा नहीं हो रहा है,कोई मारपीट नहीं है,कोई खून खराबा नहीं है देश में सब अच्छा हो रहा है तो इन्हें डर सताने लगा की ऐसे में तो इन्हें चापलूसी के अवार्ड बांटने वाली और एन जी ओ के नाम पर करोड़ों रुपया खिलाने वाली कांग्रेस वापिस ना आ पायेगी तो इन्होने देश में असहनशीलता की चिंगारी जलाकर उसे हवा देना शुरू किया। लेकिन जब देश के कुछ असल बुद्धिजीवी यह बताने के लिए जुटे की देश में भाईचारा कायम है,और देश पूरी दुनियाँ में मुकाम हांसिल कर रहा है तो वही चापलूसी अवार्ड गैंग गूंगी हो गयी,और आखिर में कोई फायदा होता ना देख उस गैंग ने थूक कर वापिस चाट लिया अर्थात अवार्ड वापिस लेने की जुगाड़ में लग गए।

दोस्तों आपको विचलित किया जायेगा,कभी दादरी के नाम पर तो कभी बीफ पार्टी के होस्ट रोहित के नाम पर। लेकिन ये बात हमेशा याद रखिये इस देश के असल बुद्धिजीवी असल नागरिक आप हो कोई और ढोंगी बुद्धिजीवी आपको आपकी विचारधारा से हटा नहीं सकता। आप कभी कभी कमजोर हो सकते है लेकिन आप हार कभी नहीं सकते। दोस्तों आपको वक़्त लगेगा कांग्रेसी और राष्ट्र विरोधी ये मानसिकता सौ साल पुरानी है ये कुछ दिनों में नहीं जाएगी,लेकिन लगातार आपके लड़ने की ये आदत इसे एक दिन पस्त कर देगी।
याद करिए और गर्व करिए खुद पर की हम उनमे से नहीं है जो एक आतंकवादी के बचाव के लिए जी जान लगा देते है जो देश के सर्वोच्च न्यायपालिका को किसी पान की दुकान की तरह आधी रात को खुलवा लेते है,और उसके बचाव के लिए फिल्म हस्तियाँ,राजनीति के लालची लाल हस्ताक्षर अभियान चलाते है।

ख़ुशी की बात क्या है जानते है दोस्तों इन्होने अपनी जिंदगी में सिर्फ दो बार हस्ताक्षर अभियान चलाया है एक बार नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री ना बनने देने के लिए और दूसरी बार याकूब मेनन को बचाने के लिए, लेकिन दोस्तों सत्य कभी हारा नहीं है इसलिए इनका झूठ दोनों बार हार गया,आपकी ताक़त आपका संघर्ष जीतता रहा है और खुद पर से कभी विश्वास कम नहीं होने देना दोस्तों,कभी ये आपको भक्त कहकर हतोत्साहित करने की कोशिश करेंगे तो कभी भगवा आतंकवादी कहकर अपमानित। लेकिन ये याद रखना की आप उन भारतवासियों में से नहीं हो जो 100 साल से एक परिवार के तलवे चाटने का काम कर रहे है। आपको ये भक्त कहते है तो इसका मतलब भी यही है की इन्हें आपके विश्वास में भगवन नजर आया है,बस लक्ष्य प्राप्ति से पहले थकना नहीं दोस्तों,रुकना नहीं यहाँ तक पहुँचने में आपने बहुत संघर्ष किया है,राष्ट्र को आपकी जरूरत है,कुछ स्वार्थी लोग आपके होंसले को कभी डिगा नहीं पाएंगे।

जय हिन्द...
आपका
संजय सेन सागर

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