Tuesday, December 20, 2011

अभिज्ञात: तुम्हारा साथ रहे तो नर्क तक की यात्रा भी सुखद रहेग...

अभिज्ञात: तुम्हारा साथ रहे तो नर्क तक की यात्रा भी सुखद रहेग...: अदम गोंडवी की मौत की खबर सदमा देने वाली है। उस मनहूस सुबह यह खबर मुझे सबसे पहले जयपुर से लेखक-पत्रकार मित्र चंडीदत्त शुक्ल ने दी। जिस सांकेत...

Tuesday, December 6, 2011

सोशल मीडिया पर सरकार सख्त, गूगल-ट्विटर ने दिया जवाब

सोशल साइट्स, खास कर फेसबुक और गूगल पर कंटेंट को लेकर सरकार की आपत्ति की खबरों के बीच दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्‍बल ने सफाई दी है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री या कांग्रेस अध्‍यक्ष का नाम नहीं लिया गया था, बल्कि सोशल साइट्स पर देवी-देवताओं के अपमान का मसला उठाया गया था। सरकार इन साइट्स पर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्‍पणियों से नाराज है।


इसी बीच इंटरनेट पर विवादित सामग्री पर रोक के सरकार के आग्रह पर प्रतिक्रिया देते हुए गूगल ने कहा है कि उसकी अपनी कंटेट पॉलिसी है जिसके तहत कोई भी गैर-कानूनी सामग्री वेबसाइट पर नहीं प्रकाशित की जाती है। यदि कोई सामग्री के खिलाफ शिकायत करता है तो उसे रिव्यू करके हटा दिया जाता है। लेकिन कंटेट सिर्फ विवादित होने पर ही नहीं हटाया जाता है। वैध सामग्री को गूगल नहीं हटाता है। गूगल के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सिर्फ विवादित होना किसी सामग्री को हटाने को कारण नहीं हो सकता क्योंकि गूगल लोगों के विचारों में असमातना का सम्मान करता है। ट्विटर ने भी प्रतिक्रया देते हुए कहा है कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास रखती है और किसी भी प्रकार के कंटेट को मॉनिटर नहीं करेगी।


वहीं फेसबुक ने बयान जारी करके कहा है कि भारी मात्रा में विवादित सामग्री वेबसाइट पर प्रसारित होती है। जैसे ही ऐसी सामग्री नजर में आती है उसे हटा दिया जाता है। हम सरकार की चिंता को समझते हैं, समय-समय पर हमारे अधिकारी सरकार से मिलते रहेंगे।

सिब्‍बल ने मंगलवार को नई दिल्‍ली में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि करीब तीन महीने पहले सोशल साइट्स पर ऐसी तस्‍वीरें छपी जो हिंदुस्‍तान के किसी भी व्‍यक्ति को अपमानित करती हैं। ये लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। सरकार ने गूगल, याहू, माइक्रोसॉफ्ट और फेसबुक के प्रतिनिधियों से इस समस्‍या के हल के लिए रास्‍ता निकालने को कहा। इन कंपनियों को 3 अक्‍टूबर को पहली बार चिट्ठी लिखी गई। 19 अक्‍टूबर को रिमाइंडर भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं आने पर 4 नवंबर को संचार सचिव ने इन प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई और फैसला किया गया कि आपत्तिजनक कंटेंट के मामले में आचार संहिता के लिए फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।

संचार मंत्री ने कहा, ‘इन साइट्स के प्रतिनिधि हमारी कुछ मांगों पर मौखिक तौर पर राजी भी हुए। फिर सरकार ने 29 नवंबर को सुझाव मांगने के लिए मीटिंग बुलाई लेकिन वो नहीं आए। फिर पांच दिसंबर को इन कंपनियों ने लिखित तौर पर साफ कर दिया कि वो हमारी बात नहीं मानेंगे।’ सिब्‍बल ने कहा, ‘मैंने इस कंपनियों से कहा कि वो कोई ऐसा उपाय सुझाएं जिससे ऐसे कंटेंट की जानकारी मिलते ही उन्‍हें तुरंत हटाया जा सके। देश की संस्‍कृति का सम्‍मान करना चाहिए। लोगों की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए। हम इस तरह का अपमान नहीं होने देंगे।’
कपिल सिब्‍बल ने प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पत्रकारों को अलग से वो 'आपत्तिजनक तस्‍वीरें' भी दिखाईं जिन पर ऐतराज जताते हुए उन्‍होंने ऐसी सामग्री अपलोड होने से रोकने का तरीका निकालने की बात कही है। उन्‍होंने कहा कि ऐसी तस्‍वीरों का प्रसारण करने की इजाजत न तो टीवी, प्रिंट या ऑनलाइन मीडिया में है। उन्‍होंने कहा, ‘सरकार सेंसरशिप में यकीन नहीं रखती है और सोशल मीडिया की आजादी में कोई दखल नहीं दिया जाएगा। लेकिन मेरा मानना है कि देश के लोगों की भावनाओं की कद्र करने वाला कोई भी व्‍यक्ति ऐसे कंटेट को ‘पब्लिक डोमेन’ में देखना नहीं चाहेगा।’


सिब्‍बल ने कहा कि सरकार सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किए जाने वाले कंटेंट पर निगरानी रखने के लिए 'गाइडलाइन' पर काम करेगी। उन्‍होंने कहा 'ऐसी व्‍यवस्‍था हो कि आपत्तिनजक कंटेंट को ऑनलाइन मीडिया में डालने से रोका जा सके। यदि कोई इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री हटाना नहीं चाहता तो सरकार को इस बारे में कुछ करना होगा।’ हालांकि सिब्‍बल ने मीडिया में आ रही इन खबरों का भी खंडन किया कि सरकार अन्‍ना हजारे के आंदोलन से डरकर सोशल मीडिया पर अंकुश लगाने की तैयारी में है।

सिब्‍बल के बयान पर फेसबुक ने प्रतिक्रिया जाहिर की है। फेसबुक का कहना है कि वो ऐसे कंटेंट अपनी साइट से हटा देगा जो कंपनी के शर्तों के खिलाफ हैं। कंपनी का कहना है कि वह भारत सरकार की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किए जाने वाले कंटेंट की निगरानी करने के प्रस्‍ताव में दिलचस्‍पी रखती है।

सिब्‍बल के बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भाजपा नेता तरुण विजय ने कहा कि असल मुद्दों से लोगों का ध्‍यान हटाने की सरकार की यह एक और कोशिश है। कपिल सिब्‍बल को इसमें महारत हासिल है।
कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि फेसबुक उन आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया में है जो कपिल सिब्‍बल ने दिखाए थे। लेकिन दुख की बात यह है कि लोगों ने ऐसे कंटेंट पर आपत्ति नहीं जताई है।’
जम्‍मू कश्‍मीर के सीएम उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा है, ‘मैं सेंसरशिप के बिल्‍कुल खिलाफ हूं लेकिन मैंने खुद देखा है कि फेसबुक और यू ट्यूब पर कितने खतरनाक और आपत्तिजनक कंटेट डाले जाते हैं।’


अमेरिकी अखबार 'न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स' के मुताबिक कपिल सिब्बल ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और याहू के अधिकारियों की एक बैठक बुला कर कहा था कि धर्म से जुड़े लोगों, प्रतीकों के अलावा भारत के प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष जैसी राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ अपमानजनक सामग्री की निगरानी करें। सिब्बल ने यह भी कहा कि निगरानी के लिए सिर्फ तकनीक पर निर्भर न रहें बल्कि इसके लिए लोगों को लगाएं (विस्‍तृत खबर रिलेटेड आर्टिकल में पढ़ें।

आपकी बात
क्‍या सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किए जाने वाले कंटेंट पर निगरानी रखना जरूरी है? सरकार की दलील से आप कितने संतुष्‍ट हैं। अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्‍स में लिखें।

Saturday, December 3, 2011

बेगार करने को मजबूर उत्‍तर प्रदेश मनरेगा मानदेय कर्मी

सारांश यहाँ <बेगार करने को मजबूर उत्‍तर प्रदेश मनरेगा मानदेय कर्मी="fullpost"> आगे पढ़ें के आगे यहाँ <केन्‍द्र सरकार की अति महत्‍वाकाक्षी योजना मनरेगा जब अपने मानदेय कर्मियो से ही बेगार ले रही है तो देश के ग्रामीण बेरोजगारो को कहां से रोजगार दे पायेगी ा मनरेगा योजना के आरम्‍भ से ही योजना के कुशल संचालन के लिए नई भर्तीयो का प्रावधान इसमें किया गया था,जिसके अनुपालनार्थ देश मे व्‍याप्‍त भीषण बेरोजगारी का मजाक उडाते हुये राज्‍य सरकारो द्वारा न्‍यूनतम मानदेय के आधार पर ग्राम कोवार्डिनेटर,ग्राम रोजगार सेवक, व्‍लाक कोवार्डिनेटर,तकनीकी सहायक, कम्‍प्‍यूटर आपरेटर, लेखा लिपिक,अतिरिक्‍त कार्यक्रम अधिकारी,एवं जिला कोवार्डिनेटरो की भर्ती की गयी,जिन्‍हे सामान्‍य गुजारा भत्‍ता की तरह प्रशासनिक मद से मानदेय देने का प्रावधान किया गया था,जब कि सरकारी विभागो में समकक्ष पदो पर आसीन कर्मचारी कई गुना अधिक बेतन व भत्‍ता उठाते हैंा नये शासनादेश के तहत जब से मानव दिवस के आधार पर प्रशासनिक मद का निर्धारण किया जाने लगा है तब से इनका मानदेय भी बन्‍द हो गया है,क्‍यो कि मानव दिवस के निर्माण में इनका योगदान यहां के प्रशासनिक ढांचे को देखते हुये नही के बराबर है, आथिर्क संकट से गुजर रहा इनका परिवार आज भूखमरी के कगार पर है, मनरेगा के कुछ मानदेय कर्मियो से सम्‍पर्क करने पर पता चला कि परिवार चलाने के लिए वो रात में पार्टटाइम जांव कर रहे है ,बेरोजगारी की समस्‍या इतनी बडी है कि डूबते को तिनके का सहारा की तरह मिला रोजगार छोडा भी नही जा सकता, पता नही इस देश की सरकारे कब तक बेरोजगारो का शोषण करती रहेगीा>

किस महिला व्यक्तित्व ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है ?

                        


वर्ष २०११ समाप्ति की और है .वर्ष भर अनेक नारी व्यक्तित्वों ने समाज-राष्ट्र -विश्व  के नव-निर्माण में महत्वपूर्ण  भूमिका निभाई है .आप  को  किस   महिला   व्यक्तित्व ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है ? यदि आप इस'' भारतीय नारी ''ब्लॉग के योगदानकर्ता  नहीं भी हैं तब भी आप अपनी  राय  मुझे  ''shikhakaushik666@hotmail '' पर प्रेषित करें .आपकी पोस्ट मैं इस ब्लॉग पर प्रकाशित कर दूँगी .
भारतीय नारी ब्लॉग पर दिसंबर माह में  चर्चा का  मुख्य विषय  रहेगा -

''वर्ष २०११ में किस नारी व्यक्तित्व ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया ?
*ये राष्ट्रीय  व्यक्तित्व भी हो सकता है और अंतर्राष्ट्रीय भी 
*ये राजनैतिक,सामाजिक ,अभिनय -जगत ,साहित्य जगत; ब्लॉग जगत  किसी से भी सम्बंधित हो सकती हैं .
सभी सम्मानीय योगदानकर्ताओं से आग्रह है कि एक पोस्ट इस विषय पर जरूर प्रकाशित करें .
                                                      शिखा कौशिक 

Thursday, December 1, 2011

SCIENCE AND TECHNOLOGY: अग्नि 1 मिसाइल का परीक्षण .....

SCIENCE AND TECHNOLOGY: अग्नि 1 मिसाइल का परीक्षण .....: भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और 700 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली अपनी अग्नि 1 मिसाइल का सेना के प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर ...

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...