Thursday, October 6, 2011

हम विजय दशमी मनाते है...

जब रावण का वध हुआ था॥
तब रुक गए थे हवा के वेग॥
राम मय में सब राम थे॥
चटक हुआ था प्रभु का तेज़॥
देवता गणफूलो की वर्षा ॥
आकाश लोक से कर रहे थे॥
जय जय विजय मिली है...
सच्चे जन सब कह रहे थे॥
विजय मिली थी राम चन्द्र को॥
हम विजय दशमी मनाते है॥
प्रभु की माहानता को॥
जन जन हम गाते है॥
हम विजय दशमी मनाते है...

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...