Thursday, September 22, 2011

क्यों झूठे अलख जगाते है...

क्यों झूठे अलख जगाते हो॥
भ्रष्टाचार को दूर करेगे ॥
हाय हाय चिल्लाते हो॥
क्यों झूठे अलख जगाते है॥
भूखे बच्चो के भोजन को॥
अपना कौर बनाते हो॥
.........................
मजदूरों की गाढ़ी कमाई॥
को अपनी पूँजी कहलातइ हो॥
क्यों॥
मौक़ा मिलते लूट तुम लोगे॥
जो छुपा पडा खजाना॥
पल पल में तुम बात बदलते॥
देखते नया नज़ारा॥

1 comment:

  1. Those who are in search of govt jobs should upgrade their skills and knowledge by regularly visiting the sites like this. This will really help a lot.

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...