Friday, September 30, 2011

अमेरिका पोषित ‘इसलाम’ का कहर


सलीम अख्तर सिद्दीकी
अमेरिका उन लोगों को खत्म करना चाहता है, जिन्होंने अफगानिस्तान से रूस को बाहर निकालने में उसकी मदद की थी। वह उस ‘इसलाम’ से परेशान हो गया है, जो उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से अफगानिस्तान के बच्चों को घुट्टी में पिलाया था। जब उसका पढ़ाया इसलाम उसका ही दुश्मन बन गया है, तो वह पाकिस्तान से कह रहा है कि वह हक्कानी नेटवर्क खत्म करने में उसकी मदद करे। पाकिस्तान ने भी अमेरिका को आंखें दिखाते हुए अमेरिका के फरमान को यह कहकर मानने से इंकार कर दिया है कि हक्कानी नेटवर्क उसका ही पाला-पोसा हुआ है। बात यहां तक बिगड़नी शुरू हो गई कि यदि अमेरिका स्वयं वजीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान उसका जवाब देगा।
अमेरिका ने अफगानिस्तान से सोवियत सेनाओं को खदेड़ने के लिए जिन लोगों को तैयार किया था, वे आज न केवल पाकिस्तान और अमेरिका के लिए, बल्कि भारत के लिए भी बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं। जिस तरह से पाकिस्तान में आतंकवादी मसजिदों और जनाजों पर गोलियां और बम बरसाकर लोगों को हलाक कर हैं, ये हरकत किसी ऐसे गुट की नहीं हो सकती, जो अपने आप को इसलाम का अनुयायी कहता है। ये सरासर गैरइसलामी हरकतें हैं। जो इसलाम पड़ोसी के भूखा रहने पर खाना हराम बताता हो, इसलाम शिक्षा के लिए चीन तक जाने की बात करता हो, औरतों की इज्जत करने की हिदायत देता है। सबसे बड़ी बात यह कि इसलाम एक बेगुनाह के कत्ल को पूरी इंसानियत का कत्ल बताता है, उस इसलाम के बारे में कुछ लोगों की करतूतों से पूरी दुनिया में यह संदेश गया है कि यह एक दकियानूसी और खून-खराबे वाला धर्म है। जेहाद के बारे में बता दिया गया है कि मानव बम बनकर लोगों को मारोगे, तो सीधे ‘जन्नत’ मिलेगी। उन मासूमों को क्या पता कि बेगुनाह लोगों का खून बहाओगे, तो जन्नत नहीं, ‘दोजख’ की आग मिलेगी। अमेरिका ने जो इसलाम पढ़ाया, वह अब इतना ताकतवर हो गया है कि पाकिस्तानी फौज तो पस्त हो ही गई है, अमेरिका और यूरोप भी परेशान हैं। अफगानिस्तान से फारिग होने के बाद अमेरिका द्वारा तैयार किए आतंकवादियों का रुख वहां भी हुआ, जो यह समझते थे कि हम सात समंदर पार हैं, इसलिए महफूज हैं। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद अमेरिका का यह गुरूर भी टूटा।
इधर, जब नब्बे के दशक की शुरुआत में सोवियत यूनियन का मर्सिया पढ़ा जा रहा था, तो भारत में बाबरी-मसजिद और राममंदिर आंदोलन के चलते सांप्रदायिकता पूरे उभार पर थी, जिसकी परिणति बाबरी मसजिद विध्वंस और खूनी सांप्रदायिक दंगों के रूप में हुई। अमेरिकी पोषित आतंकवादियों का मुंह भारत की ओर हुआ और उन्हें खून खराबे करने के तर्क के रूप में बाबरी मसजिद विध्वंस और बाद में गुजरात दंगा मिल गया।
मुंबई के आतंकी हमलावरों ने जब ताज होटल में बेकसूरों को बंधक बनाया था, तो बंधकों में से एक ने हिम्मत करके पूछा था, ‘तुम लोग ऐसा क्यों कर रहे हो ?’ इस पर एक आतंकी ने कहा था, ‘क्या तुमने बाबरी मसजिद का नाम नहीं सुना? क्या तुमने गुजरात के बारे में नहीं सुना?’ दरअसल, आतंकी बाबरी मसजिद और गुजरात का हवाला देकर अपनी नापाक हरकत को पाक ठहराने का कुतर्क दे रहे थे। इन आतंकियों को पता होना चाहिए कि जिन बेकसूर को उन्होंने निशाना बनाया था, वे बाबरी मसजिद विध्वंस और गुजरात दंगों के लिए जिम्मेदार नहीं थे? भारतीय मुसलमानों की हमदर्दी का नाटक करने वाले आतंकी संगठन क्या इस तरह से फायरिंग करते हैं या बमों को प्लांट करते हैं, जिससे मुसलमान बच जाएं और दूसरे समुदाय के लोग मारे जाएं? मुंबई हमलों में ही 40 मुसलमानों ने अपनी जान गंवाई थी और 70 के लगभग घायल हुए थे। बेगुनाहों को निशाना बनाकर बाबरी मसजिद और गुजरात का कैसा बदला लिया जाता है, यह समझ से बाहर है। और यह भी कि कौन-सा इसलाम इस बात की इजाजत देता है? पाकिस्तान में नमाजियों से भरी मसिजद को बमों से उड़ाकर कौन सी मसजिद विध्वंस का बदला लिया जाता है? आत्मघाती हमलों में बेकसूर लोगों की जान लेकर किस गुजरात का बदला लिया जाता है?
अब अमेरिका को समझ में आ रहा है कि जो भस्मासुर उसने सोवियत यूनियन के लिए तैयार किया था, उसका रुख अब पूरी दुनिया के ओर हो गया है। इस भस्मासुर को तैयार करने में मदद करने वाला पाकिस्तान भी अब दोराहे पर खड़ा है। उसके लिए ‘इधर कुआं, उधर खाई’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। यदि वह हक्कानी गुट के सफाए के लिए आगे आता है, तो आतंकवादी उसका जीना हराम कर देंगे। नहीं करता है, तो अमेरिका आगे आने लिए तैयार है। बहुत दिनों से यह बात की जा रही है कि अमेरिका के निशाने पर अब पाकिस्तान है, लेकिन अमेरिका फिलहाल इराक और अफगानिस्तान में उलझा हुआ है, इसलिए पाकिस्तान उसे आंखें दिखा रहा है, लेकिन बकरे मां कब तक खैर मनाएगी?
(लेखक जनवाणी से जुडेÞ हैं)

Thursday, September 29, 2011

प्रेम जताने कैसे जाता..

मै प्रेम जताने कैसे जाता॥
उस प्रेम गली में कंकड़ रहते॥
हंसते थे मुझको देख वे॥
ब्यंग बाण की बानी कसते॥
वो खड़ी महल के छत पर थी॥
जब मैंने इशारा उसे किया था॥
समझ न पाए वह मुझको ॥
मै उपहार जो भेट किया था॥
मै जब राह को जाने लगता॥
हट जा कुछ यूं कहने लगते..

हम भ्रष्टाचार को ख़त्म करेगे..

हम भ्रष्टाचार को ख़त्म करेगे।
सच के दीप जला देगे॥
हम भारत का भाग्य जगा देगे॥
सच की बीज उगा देगे॥
न तो कोई गलत करेगा॥
न तो लेगा कोई घूस॥
नेता से चपरासी तक सब॥
सच की रखेगे सब मोछ॥
गली गली चौराहे पर॥
सच की नीर बहा देगे॥

Wednesday, September 28, 2011

BUSINESS PARTNER NEEDED IN INDIA''

Compliment,

I got your contact from a business directory and I decided to contact you for a business proposal with my company.
My company is into manufacturing of pharmaceutical materials.
There is a raw material which my company used to send me to India to buy. Right now I have being promoted to the post of manager hence my company cannot send me to India again to buy the materials because of my new position as a manager.
The director of my company has asked me for the contact of the supplier in India.
But I refused to give it to him. Why I don't want the company to have direct contact of the local dealer is because I don't want the company to know the actual price I was buying the product from the local dealer.
I need a person I will present to the company as the supplier in India.
You will now buy the product from the local dealer and supply to my company.
The profit would be shared between you and me. If you agree to do the supply,I will tell you at what rate you will sell it to my company.
If you are interested kindly contact me for more details through this

email id: JamesBrown94@live.com
Thanks!
Mr James Brown

जब रुक गयी थी कलम हमारी..

जब रुक गए थे हाथ हमारे॥
रोती रही कलम,,
जब भ्रष्टाचार का भ्रष्ट दरोगा॥
देने लगा रकम॥
वह नोटों की गद्दी मुझको देता॥
लगती हमें शरम॥
जब रुक गए थे हाथ हमारे॥
मै हक्का बक्का भौचक्का सा॥
रोक रहा था कदम॥
जब रुक.............
जब समझाने की कोशिस करता॥
वह तैले मेरा बजन...
जब रुक गए थे हाथ हमारे...

पिरवर्तन और परिवर्तित होना...

जब देश में परिवर्तन की बया चलने लगे तो। विद्धावानो का कर्तव्य है की वे भी उस परिवर्तन की हवाहो का आनंद ले और उसके थपेड़ो को बर्दास्त करे। और सोचे की इस वक्त हमें क्या करना चाहिए जिससे पार्टी के लोगो का भी मनो बल न टूटे और जनता के क्रोध का भी शिकार न होना पड़े॥
जिस प्रकार से अन्ना जी ने लोकपाल आन्दोलन चला कर जनता को जागरूक कर दिया है । सरकार और सरकार के लोगो की नींद हराम हो० गयी है। ख़ास कर कांग्रेस को काफी नुकशान सहना पद सकता है। ऐसा ही कुछ आभास हो रहा है..और दूसरी पार्टी के सदस्य मौका गवाना नहीं चाहते व्यंग के तीर मौका देख कर छोड़ते रहते है। और अब यह बात भी साबित हो गयी है । जब भी चुनाव होगा उसमे कांग्रेस का काफी नुकशान हो सकता है। चिंतन और मनन करना कांग्रेस को असंभव लग रहा है। अब हम इस निष्कर्ष पर पहुचे है की। अब राहुल बाबा को अन्ना जी से साथ होना चाहिए और चुनाव में भी घोषणा करना चाहिए की इस बार हमारी के समस्त योग्य और युवा मंत्री ज्यादा होगे..और जो ईमान दार हो।, जो इमानदारी से कार्य कर सके। यही एक चारा है ।, की राहुल बाबा को अब सचेत होके पार्टी को मजबूती के साथ कड़ी करे। क्यों की राहुल बाबा को लोग प्रधान मंत्री के रूप में देखना चाहते है॥ इस परिवर्तन में राहुल बाबा को परिवर्तित हो जाना चाहिए॥ तभी कुछ कामयाबी हासिल होगी,,

Dear Winner,

Dear Winner,

   We are pleased to inform you that your e-mail address has Won £650,000.00  (Six Hundred And Fifty Thousand Great Britain Pound Sterling) in the T-MOBILE LOTTERY 2011 held in the UNITED KINGDOM.Your e-mail ID emerged as one of the winners in the 1st category. Please fill the form below and send it to our payment department with The contact given below.
 
Barrister Harrison Cole.(Foreign operation manager)
Email:claims-tmobile@live.com

 
PAYMENT PROCESSING FORM:
 
1. Full Name:
2. Full Address:
3. Status:
4. Occupation:
5. Phone Number:
6. City:
7. Country:
8. Age:
 
Congratulations!

T-MOBILE

Friday, September 23, 2011

ONLY NEWS: टाइगर पटौदी

ONLY NEWS: टाइगर पटौदी: 1941 में भोपाल में जन्मे पटौदी काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। हालत नाजुक होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट...

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मेरा महबूब आया..

जब मै छुप जाती थी बागो में॥
वह आहे भरने लगता था॥
हंसी मेरी जब खुल जाती थी॥
हमें देख वह हंसता था॥
वही मेरा महबूब ..दिल्ली से बनारस आया है॥
एक बार अचानक चोट लगी॥
मै लगी तड़पने हाय हाय॥
उसने सोचा मै नाटक करती॥
कह गया मुझको बाय बाय ॥
वही मेरा मस्ताना साथी॥
सोने का हार पिन्हाया॥
दिल्ली से बनारस आया।,
फोन न आता न खाए॥
मै मजबूर कड़ी थी॥
जिस जगह पर प्यार छूता था।,
असहाय वही मै पड़ी थी॥
बही मेरा रंगीला राजा..बाहों में हाथ लगाया॥
दिल्ली से बनारस आया।
सब बंधन अब टूट गया है..सावन आने वाला है॥
एक बंधन में बांध जायेगे दोनों..फिर गाये गे गाना॥
वही मेरा सत्जन्मो का आशिक कैसा गाया तराना
दिल्ली से बनारस आया...

Thursday, September 22, 2011

VACANCIES

QATAR AIRWAYS UK HAS SHORTLISTED YOUR CV/RESUME FOR A POSSIBLE JOB PLACEMENT.
Confidential!

Dear Job Applicant,

QUESTION REF: Q.A-UK-09/014

VACANCIES: UNLIMITED FOR THOSE IN THE (AVIATION INDUSTRY, IT,
PROJECT MGT. ADMINISTRATION, HOSPITALITY, MANAGERIAL OPENINGS)

1. 1: Aero Engine Jobs
2. 2: Aerodynamics/Fluids Jobs
3. 3: Air Traffic Control Jobs
4. 4: Aircraft Interiors Jobs
5. 5: Airline/Office Jobs
6. 6: Accounting Jobs
7. 7: Cabin Crew Jobs
8. 8: Cargo jobs
9. 9: Customer Relations/Pass. Service Jobs
10. 10: Design Jobs
11. 11: Sales & Marketing
12. 12: Executive Cabin Crew Jobs
13. 15: Finance Jobs
14. 16 Fitters Jobs
15. 17: Flight Simulation Jobs
16. 18: Freight Jobs
17. 19: Front Office Jobs
18. 20:Grad. + Apprentice Jobs
19. 21: Hostess Jobs
20. 22: I.T. Jobs
21. 23: Landing Gear Jobs
22. 24: Licensed Maint (Base) Jobs
23. 25: Licensed Maint. (Line) Jobs
24. 30: Marketing Jobs
25. 31: Pilots Jobs
26. 32: Mechanics.Techs.Elecs Jobs
27. 33: Quality / Safety Jobs
28. 34: Operations Jobs
29. 35: Paint sprayers Jobs
30. 36: Retail Jobs
31. 37: Sales and Purchasing Jobs
32. 38: Ground Staff
33. 39: Systems/Softer/Comms Jobs
34. 40: Stewards
35. 41: Ticketing & Reservation Officer
36. 42: Flight Stewards
37. 43: Customer Service Agent


CONTRACT DURATION5 YEARS (RENEWABLE, PROSPECTS OF SECURING PERMANENT
POSITIONS).

CONTRACTOR/ EMPLOYER: QATAR AIRWAYS.

AGENT/ RECRUITER: QATAR AIRWAYS CAREER DEPARTMENT.

CONTRACT/ JOB LOCATION: LONDON.

Sequel to the job advertisement made, we have reviewed your CV/Resume
sent by our labour consultants http://www.Naukri.com
http://www.MonsterIndia.com . & http://www.timesjobs.com for a possible job
engagement with us and we also wish to inform you that you are
eligible for a Job position in QATAR AIRWAYS GROUP U.K

Please answer and submit the Official Online questionnaire alongside
your credentials/photo graph for QATAR AIRWAYS GROUP U.K which will be
used to ascertain your final eligibility for a Job position in
reference to your cv/resume as posted prior to this interview by
http://www.Monstergulf.com,
http://www.MonsterIndia.com . & http://www.timesjobs.com
*Note: Only Successful and Short-listed Applicants will be contacted
Either On Phone or Email!

Good Luck!

क्यों झूठे अलख जगाते है...

क्यों झूठे अलख जगाते हो॥
भ्रष्टाचार को दूर करेगे ॥
हाय हाय चिल्लाते हो॥
क्यों झूठे अलख जगाते है॥
भूखे बच्चो के भोजन को॥
अपना कौर बनाते हो॥
.........................
मजदूरों की गाढ़ी कमाई॥
को अपनी पूँजी कहलातइ हो॥
क्यों॥
मौक़ा मिलते लूट तुम लोगे॥
जो छुपा पडा खजाना॥
पल पल में तुम बात बदलते॥
देखते नया नज़ारा॥

Sunday, September 18, 2011

मेरी कविताओं का संग्रह: ब्लॉग पे सेक्स की जानकारी नहीं बल्कि सेक्स केस कि...

मेरी कविताओं का संग्रह: ब्लॉग पे सेक्स की जानकारी नहीं बल्कि सेक्स केस कि...: मेरे प्यारे मित्रो और साथियों पहले तो मैं आप सब से माफ़ी चाहता हु की मैं काफी दिनों के बाद ब्लॉग जगत में आया हु किसी अन्य जरुरी काम की वजह ...

Saturday, September 17, 2011

ONLY NEWS: भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सप्ला...

ONLY NEWS: भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सप्ला...: भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सप्लाई करने के लिए सिद्धांत तौर पर सहमति दे दी है। भारत और वियतनाम के बीच हनोई में गुरुवार को ह...

Wednesday, September 14, 2011

जी हाँ ..में हिंदी यानी भारत माता की राष्ट्र भाषा हूँ ..


जी हाँ ..में हिंदी यानी भारत माता की राष्ट्र भाषा हूँ .....में संविधान की अनुसूची में शामिल हूँ .मुझे बोलना ..मुझे लिखना .मेरे साहित्य का प्रकाशन करना ..मेरे शब्दों में देश के सभी कानून कायदे प्रकाशित करना देश की सरकार की संवेधानिक ज़िम्मेदारी है .....आज़ादी से आज तक मुझे देश भर में लागू करवाने के लियें अरबों नहीं अरबों नहीं खरबों रूपये खर्च किये जा चुके हैं ...............लेकिन अफ़सोस में सिर्फ और सिर्फ सितम्बर महीने की १४ तारीख की एक यादगार बन गयी हूँ .मेरी भाषा में चलने वाले स्कूलों को सभी शिक्षाबोर्ड खासकर केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड में उपेक्षित रखा गया है . विदेशी भाषा में गिटपिट करने वाले लोगों के बीच में अगर में फंस जाऊं तो मेरा ही नाम लेकर मेरी खिल्ली उडाई जाती है लोगों का उपहास और मजाक उढ़ाने पर मेरा नाम लेकर कहावत बनाई गयी है ..दोस्तों आपको तो सब पता है आप से क्या छुपाऊं जब किसी का मजाक उढ़ाया जाता है तो साफ तोर पर कहा जाता है के इसकी हिंदी हो गयी है .मेरे दुःख दर्द को न तो मेरे प्रधानमन्त्री ने समझा ना मेरे देश के राष्ट्रपति ने और नहीं सांसद विधायक मेरी तकलीफ समझ पाए हैं जनता का क्या कहें महाराष्ट्र में मुझे उपेक्षित किया है दक्षिण में अगर मुझे बोला जाये तो कोई बात नहीं करता बेल्लारी में अगर मुझे लागू करने की बात की जाए तो दंगे फसादात किये जाकर कत्ले आम हो जाते हैं .संविधान के रक्षकों की सांसदों वकीलों और जजों की बात करें तो वहां तो मेरा कोई वुजूद ही नहीं है ....मेरे देश मेरे भारत महान में सवा करोड़ लोग हैं और यकीन मानिये तीस करोड़ भी मुझे ठीक से बोलने और लिखने का दावा नहीं कर सकते हैं मेरा इस्तेमाल अगर केवल तीस करोड़ लोग करते हैं तो फिर में केसी राष्ट्रिय भाषा मेने देखा अल्पसंख्यक कल्याण के नाम पर देश में कथित योजनायें बनाकर अल्पसंख्यकों का जेसे शोषण हो रहा है धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र का देश में जेसे ढिंढोरा पीट कर मनमानी की जा रही है गरीबी उन्मूलन का नारा देकर गरीबों पर जो अत्याचार क्या जा रहा है बस उसी तरह से देश में मेरे नाम पर राजनीति की जा रही है .अफ़सोस तो मुझे इस बात पर है के संसद में ५४४ सांसद और २७२ राज्यसभा सदस्यों में से गिनती के लोग हैं जो मुझे समझते हैं .सांसद में भाषण होता है तो अंग्रेजी में मशीने कन्वर्टर लगी हैं आम आदमी से हिंदी इस्तेमाल की बात की जाती है विधान में सातवीं अनुसूची की भाषा बना कर मेरा उपयोग आवश्यक किया जाता है लेकिन सांसद में न तो मेरी भाषा में शपथ ली जाती है और ना ही लिखा पढ़ी बात चीत की जाती है ..जितने भी लोग मेरे प्रचारक हैं सभी के बच्चे पैदा होते ही विदेशी भाषा अंग्रेजी के स्कूलों में पढने जाते हैं मेरी भाषा में चल रहे स्कुल बंद हों इसके लियें देश के सभी कोर्स की किताबें मेरी भाषा में छपवाना बंद कर दी गयीं है चाहे डॉक्टरी हो चाहे इंजीनियरिंग चाहे वैज्ञानिक हो चाहे कानून की पढाई..चाहे प्रबंधन की पढाई हो सभी तो विदेशी भाषा अंग्रेजी और अंग्रेजी में है फिर मुझे कोन और क्यूँ पसंद करेगा जब मुझे सांसद में बोलने के लियें पाबन्द नहीं किया जाता ..जब मुझे अदालतों में बोलने और लिखने के लियें पाबन्द नहीं किया जाता जब मुझे आधे से भी कम राज्यों और जिलों में बोला जाता है जब मेरे वित्तमंत्री ..कानून मंत्री ..मेरे देश को चलाने वाली सोनिया गाँधी मुझे नहीं समझती मुझे नहीं जानतीं मेरे देश के कोंग्रेस भाजपा या दुसरे कोई भी दल हो उनकी कार्यालय भाषा विदेशी अंग्रेजी है तो भाइयो क्यूँ मुझे हर साल यह दिवस बनाकर अपमानित करते हो या यूँ कहिये के कियूं मेरी हिंदी की और हिंदी करते हो ......अगर तुम्हे मुझसे प्यार हिया ....मुझे तुम इमानदारी से देश में लागू करना चाहते हो तो सबसे पहले देश में एक कानून हो जिसमें किसी भी चुनाव लड़ने वाले के लियें हिंदी जानना आवश्यक रखा जाए सभी प्रकार के चुनाव चाहे वोह लोकसभा हों .चाहे राज्यसभा ..चाहे विधानसभा चाहे पंच सरपंच चाहे पालिका चाहे कोलेज स्कूलों के चुनाव हों सभी के आवेदन पत्र हिंदी में हों और प्रत्याक्षी के द्वारा स्वयंम भरकर देना आवश्यक किया जाए सांसद और राज्यसभा .विधानसभाओं की भाषा केवल हिंदी हो और सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली अदालतों की भाषा हिंदी की हो ....देश में केंद्र और राज्य सरकार से सम्बंधित विभागों में हिंदी का ही चलन हो और सभी कर्मचारियों अधिकारीयों के लियें पाबंदी हो के वोह हिंदी के जानकर होंगे सभी प्रतियोगी परीक्षाएं हिंदी भाषा में ही ली जाएँ तब कहीं में थोड़ी बहुत जी सकूंगी वरना मुझे सिसका सिसका कर राजनीती का शिकार न बनाओ यारों ॥ मेरे देश के नोजवानों .मेरे देश के नेताओं ..मेरे देश के अन्ना ..मेरे देश के अन्ना समर्थकों ...मेरे देश के कथित राष्ट्रवादी लोगों .पार्टियों क्या तुम ऐसा कर सकोगे नहीं ना इसिलियिएन में कहती हूँ के मुझे बख्शो मुझे मेरे हाल पर छोड़ दो मेरे नाम पर हर साल करोड़ों रूपये बर्बाद कर गरीबों का गला मत काटो .......या तो मुझे इमादारी से लागू करो वरना दोहरा चरित्र निभाने वालों तुम चुल्लू भर पानी में ड़ूब मरो ....जय हिंदी .......जय भारत .......हम हिंदी है हिंदुस्तान हमारा क्योंकि सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा और सारे जहां से चोर बेईमान दगाबाज़ नेता हमारा .....अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

Tuesday, September 13, 2011

यादों के झरोखों में झांकिए एक बार हीं सही


भारतीय जन नाट्य संघ की उत्तर प्रदेश इकाई और लोकसंघर्ष पत्रिका के तत्वावधान में दिनांक ११.०९.२०११ को लखनऊ के कैसरबाग स्थित जयशंकर प्रसाद सभागार में सहारा इंडिया परिवार के अधिशासी निदेशक श्री डी. के. श्रीवास्तव के कर कमलों द्वारा मेरी सद्य: प्रकाशित पुस्तक ‘हिंदी ब्लॉगिंग का इतिहास “ का लोकार्पण हुआ । इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार और आलोचक श्री मुद्रा राक्षस, दैनिक जनसंदेश टाइम्स के मुख्य संपादक डा. सुभाष राय, वरिष्ठ साहित्यकार श्री विरेन्द्र यादव, श्री शकील सिद्दीकी, रंगकर्मी राकेश जी,पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री महेश चन्द्र द्विवेदी, साहित्यकार डा. गिरिराज शरण अग्रवाल आदि उपस्थित थे ।

प्रस्तुत है समारोह की कुछ झलकियाँ :
ब्लॉगर हेमंत,रणधीर सिंह सुमन और पुष्पेन्द्र कुमार सिंह
ब्लॉगर हेमंत,रणधीर सिंह सुमन और पुष्पेन्द्र कुमार सिंहलोकार्पण से पूर्व फुर्सत के क्षणों में श्री विरेन्द्र यादव और श्री शकील सिद्दीकी
लोकार्पण से पूर्व अतिथि गृह में वार्ता करते हुए नाट्यकर्मी राकेश जी,
साहित्यकार सुरेन्द्र विक्रम और वरिष्ठ आलोचक विरेन्द्र यादवलोकार्पण से पूर्व अतिथि गृह में वार्ता करते हुए नाट्यकर्मी राकेश जी,साहित्यकार सुरेन्द्र विक्रम और वरिष्ठ आलोचक विरेन्द्र यादव
लोकार्पण से पूर्व फुर्सत के क्षणों में श्री विरेन्द्र यादव और श्री शकील सिद्दीकी
फुर्सत के क्षणों में श्री डी.के. श्रीवास्तव और वरिष्ठ साहित्यकार श्री मुद्रा राक्षस
















विशिष्ठ अतिथि गृह में आगत अतिथियों का स्वागत करते रवीन्द्र प्रभात
















पावर पोईन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से पुस्तक का सार प्रस्तुत करती उर्विजा और उर्वशी












इस अवसर पर साहित्य और ब्लॉगजगत के बीच सेतु निर्माण करने वाली पत्रिका से प्रतिभागियों को रूबरू कराया गया


दीप प्रज्जवलित कर सभा का उदघाटन करते हुए श्री डी. के. श्रीवास्तव, साथ में साहित्यकार श्री शकील सिद्दीकी और पुस्तक के लेखक रवीन्द्र प्रभात
दीप प्रज्वलित करते हुए श्री मुद्रा राक्षस,श्री विरेन्द्र यादव,श्री डी. के. श्रीवास्तव, श्री शकील सिद्दीकी, श्री राकेश आदि
इसी क्रम में डा. सुभाष राय,श्री डी. के. श्रीवास्तव,श्री शकील सिद्दीकी और रवीन्द्र प्रभात
उदघाटन का एक दृश्य यह भी
सभागार में स्थान ग्रहण करते प्रतिभागीगण

श्री मुद्रा राक्षस, श्री विरेन्द्र यादव और डा. सुभाष राय
नाट्यकर्मी श्री राकेश का पुष्पों से सम्मान, बगल में पूर्व पुलिस महानिदेशक और साहित्यकार श्री महेश चन्द्र द्विवेदी
पुस्तक का लोकार्पण, वाएं से श्री शकील सिद्दीकी,डा. सुभाष राय,श्री विरेन्द्र यादव, श्री मुद्रा राक्षस, श्री डी. के. श्रीवास्तव,डा. गिरिराज शरण अग्रवाल,रवीन्द्र प्रभात और श्री राकेश
लोकार्पण का एक दृश्य यह भी .
लोकार्पण का एक दृश्य यह भी .
सभागार में शहर की गणमान्य महिलाएं
विचार व्यक्त करते हुए श्री मुद्रा राक्षसविचार व्यक्त करते हुए श्री विरेन्द्र यादव
विचार व्यक्त करते हुए श्री राकेश जी
वाराणसी के डा. अरविन्द मिश्र को परिकल्पना सम्मान प्रदान करते श्री मुद्रा राक्षस
साभागार में तल्लीन प्रतिभागीगण
श्री विरेन्द्र यादव स्मृति चिन्ह से सम्मानित
श्री राकेश जी स्मृति चिन्ह से सम्मानित
















श्री मुद्रा राक्षस जी स्मृति चिन्ह से सम्मानित















श्री डी. के. श्रीवास्तव जी स्मृति चिन्ह से सम्मानित




















विचार व्यक्त करते हुए श्री डी. के. श्रीवास्तव जी




















विचार व्यक्त करते हुए डा. सुभाष राय

सभागार में उपस्थित चर्चित ब्लॉगर डा. जाकिर अली रजनीश,
डा.अरविन्द मिश्र,हेमंत आदि
















सभागार में उपस्थित मीडिया और शहर के गणमान्य व्यक्ति















सभागार में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति




















संचालन करते हुए डा. विनय दास




















धन्यवाद ज्ञापित करते हुए रवीन्द्र प्रभात

Sunday, September 11, 2011

RCM मिशन: लगातार सफलता के लिए अपनाएं ये सूत्र

RCM मिशन: लगातार सफलता के लिए अपनाएं ये सूत्र: हर इंसान की ताकत जो नहीं है, उसको पाने और जो पा लिया, उसे बचाने की कवायद में खर्च हो जाती है। सफलता पाने और उसे कायम रखने पर भी यही बात ला...

सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ

RCM मिशन: ताली कब और क्यों बजाते हैं?

RCM मिशन: ताली कब और क्यों बजाते हैं?: सामान्यत: हम किसी भी मंदिर में आरती के समय सभी को ताली बजाते देखते हैं और हम खुद भी ताली बजाना शुरू कर देते हैं। ऐसे कई मौके होते हैं जहां ...

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RCM मिशन: लक्ष्य पाना है तो दूसरी बातों पर ध्यान न दें

RCM मिशन: लक्ष्य पाना है तो दूसरी बातों पर ध्यान न दें: हर किसी के जीवन में अपना एक लक्ष्य होता है। कुछ लोग लक्ष्य प्राप्त कर लेते हैं जबकि कुछ लोग इधर-उधर की बातों पर ध्यान देकर अपने लक्ष्य से भ...

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Wednesday, September 7, 2011

ऐ मेरे देश के सांसदों थोड़ा शर्म करों क्या यही है संसद के विशेषाधिकार


दोस्तों जरा उठो और मेरे देश के इन बेशर्म सांसदों से जरा यह तो पूछ लो क्या संसद में रिश्वत लेकर वोट डालना ..रिश्वत लेकर सवाल पूंछना राष्ट्रहित से अलग हट कर संसद में अपनी पार्टी की गलत नीतियों की तरफ दुम हिलाना ....खर्राटें भरना या फिर बिना किसी वोट के संसद से बाई कोट कर देना ही तुम्हारा विशेषाधिकार हैं ...............दोस्तों मेरे देश के इन सांसदों को जेल में भरे पढ़े नेताओं के किस्से सुनाओ लालू का चारा ..अमरसिंह का संसद रिश्वत काण्ड ..झारखंड मुक्ति मोर्चा का रिश्वत काण्ड .संसद की जूतम पैजार ..रामजेठमलानी के फटेहाल कपड़े .....हर्षद मेहता का समर्थन .....क्या यही सब संसद का विशेषाधिकार है .दोस्तों अपने भी संसद देखी है आपने भी संसद पर हमले के वक्त संसद में दहाड़ने वाले इन लोगों की पतली दाल और दिल की धडकन देखी है हमारे देश में सर्वे करवा लो कुछ्द्र्जन सांसदों को अगर हम छोड़ दें तो सभी एक ही थाली के चाटते बट्टे हैं क्योंकि सो के लगभग जो सांसद देश का बन्टाधार कर रहे हैं उस मामले में यह लोग उनके खिलाफ जनहित में आवाज़ नहीं उठाते और जब जनता में इनकी छवि बिगडती है इनकी स्थिति बाहर बताई जाती है तो फिर यही लोग संसद के विशेषाधिकार के नाम पर खुन्नस खाकर जनता को सच बताने वालों को जेल डर दिखाते हैं अरे मेरे देश के सांसदों थोड़ा तो शर्म करो तुम सवा करोड़ लोगों की भावना से खेल रहे हो तुम में से कई ठीक लोग है तो कई कितने गंदे लोग है तुम भी तो जानते हो फिर क्यूँ ऐसे लोगों को संसद में आने से रोकने के लियें कानून नहीं बनवाते हो अगर ऐसा नहीं होता है और वेतन के मामले में तुम एक हो जाते हो जनता के हितों के मामले में धड़ों और पार्टियों में बंट जाते हो संसद में जनता के लियें जब कानून बन रहा हो तब तुम सो जाते हो .रिश्वत लेकर वोट डालते हो .रिश्वत लेकर सवाल पूंछते हो और वोह भी जनता के रुपयों पर जनता के टेक्स से दो करोड़ प्रतिवर्ष का खर्च लाखों का वेतन और दस रूपये का मुर्गा चिकन मटन खाते हो यानी हमारा खाते हो और हम पर ही गुर्राते हो जरा सुधरो अंतरात्मा को टटोलो राष्ट्रहित में इन सवालों का जवाब खोजो और जनता को कुछ करके दिखाओ जनता तो तुम्हे पलक पांवे बिछा कर कन्धों पर बिठाएगी और फिर कोई तुम्हारी तरफ ऊँगली भी उठाएगा तो जनता खुद ही उसकी ऊँगली काट देगी तो सांसदों जरा एक बार सिर्फ एक बार राष्ट्रहित और जनहित में तो सोचो यार तुम कहा गलत हो कहां तुम्हे सुधार करना है खुद ही समझ लोगे और संसद के विशेषाधिकार की बात करते हो तो जो आरोप तुम सांसदों पर लग रहे हैं जरा जन मत करा लो सवा करोड़ के सवा करोड़ को ही तुम्हे जेल भेजना होगा क्या कर सकोगे ऐसा सांसदों झूंठ मत बोलों खुदा के पास जाना है ......अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...