Monday, June 27, 2011

खतरों से घिरा ''फेसबुक''


फेसबुक आज इन्टरनेट की दुनिया का एक बहुत बड़ा नाम है,और इसकी लोकप्रियता का आलम है की आज हम खुद से जुड़े हर पहलु को फेसबुक पर सार्वजनिक करने में भी खतरा महसूस नहीं कर रहे है,लेकिन कुछ ऐसे संकेत मिल रहे है की आना वाला समय फेसबुक के लिए थोडा मुश्किलों से भरा होगा,आइये देखते है क्या खतरा है फेसबुक को और क्या नुक्सान हो सकते है उसके ग्राहकों को - मॉडरेटर     


चुनौती:- फेसबुक की वास्तविक ताकत है विशाल डाटा व सदस्योंं की विशाल फौज, लेकिन 60 करोड़ लोगों को अपना सदस्य बना लेने और पिछले साल 4 अरब डॉलर की कमाई करने के बावजूद उसकी आगे की राह कांटों भरी है।

संकट क्यों 
फेसबुक को सबसे बड़ा खतरा इस बात से है कि इंटरनेट से जुड़ी कई कंपनियां उसके डाटा का इस्तेमाल करने लगी हैं
फेसबुक का कहना है कि उससे अनुमति लिए बगैर ही उसके डाटा का इस्तेमाल कर रही हैं ये कंपनियां
उधर, इन कंपनियों का कहना है कि इंटरनेट पर फेसबुक का डाटा खुलेआम उपलब्ध है। ऐसे में उसका उपयोग गलत नहीं

उगते 
सूरज को भी आखिरकार अस्त होना ही पड़ता है। कुछ इसी तरह का खतरा जानी-मानी सोशल-नेटवर्किंग वेबसाइट 'फेसबुक' पर भी मंडराता हुआ नजर आ रहा है। फेसबुक को बेशक तुरंत ऐसा कोई खतरा नहीं है, लेकिन आने वाले समय में उसे अपना अस्तित्व बचाने के लिए जी-तोड़ मशक्कत करनी पड़ेगी। इसका मतलब यही हुआ कि तकरीबन 60 करोड़ लोगों को अपना सदस्य बना लेने और पिछले साल 4 अरब डॉलर की कमाई करने के बावजूद फेसबुक की आगे की राह कांटों भरी है।


यह जानने के बाद आपके जेहन में यह सवाल जरूर घूमने लगा होगा कि आखिरकार इस तरह की आशंका क्यों व्यक्त की जा रही है। कुछ इस तरह से इसे समझा जा सकता है। फेसबुक की वास्तविक ताकत है-विशाल डाटा और सदस्योंं की विशाल फौज। जहां तक डाटा यानी तरह-तरह के आंकड़ों का सवाल है, अपने-आप में इनकी कोई कीमत नहीं है।वैसे तो फेसबुक का कहना है कि वह अपने सदस्यों वगैरह से जुड़े खरबों आंकड़ों को अरबों डॉलर में तब्दील करने का कोई-न-कोई नायाब तरीका ढूंढ ही निकाल लेगी, लेकिन वह कब तक ऐसा कर पाएगी और क्या वाकई ऐसा कर पाएगी, इस बारे में फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
वहीं, दूसरी ओर फेसबुक को सबसे बड़ा खतरा इस बात से है कि इंटरनेट से जुड़ी कई कंपनियां उसके डाटा का इस्तेमाल करने लगी हैं। फेसबुक का कहना है कि ये कंपनियां उससे अनुमति लिए बगैर ही उसके डाटा का इस्तेमाल कर रही हैं।उधर, फेसबुक के डाटा का इस तरह उपयोग करने वाली इन कंपनियों का कहना है कि इंटरनेट पर फेसबुक के तमाम आंकड़े खुलेआम उपलब्ध हैं। ऐसे में उसके डाटा का उपयोग करने में कोई बुराई नहीं है। इसका मतलब यही हुआ कि ये तमाम कंपनियां फेसबुक द्वारा इकट्ठा किए गए विशाल डाटा का इस्तेमाल बगैर किसी भुगतान के ही कर रही हैं।




अत: अब वक्त आ गया है कि फेसबुक अपने डाटा को सहेज कर रखने का कोई अनूठा रास्ता निश्चित तौर पर निकाल ले। अगर फेसबुक ने ऐसा नहीं किया तो उसका विशाल डाटा कई और कंपनियों के पास चला जाएगा और फिर वैसे में फेसबुक की खासियत खतरे में पड़ जाएगी।वैसे तो अभी कई जाने-माने निवेशकों जैसे गोल्डमैन सैक्स एवं रूस की वेंचर कैपिटलिस्ट फर्म डिजिटल स्काई टेक्नोलॉजीज का फेसबुक पर भरोसा पूरी तरह बना हुआ है और उन्होंने इसका वैल्यूएशन भी बढ़ाकर 100 अरब डॉलर कर दिया है, लेकिन विशाल डाटा पर फेसबुक का वर्चस्व खत्म होने की स्थिति में यह मूल्यांकन निश्चित तौर पर काफी कम हो जाएगा। 


जानी-मानी पत्रिका 'न्यूजवीक' में छपे एक लेख में इन बातों का जिक्र किया गया है।
जहां तक फेसबुक के 60 करोड़ सदस्यों की विशाल फौज का सवाल है, उसे भी स्थायी नहीं माना जा सकता। इतिहास गवाह है कि लोग हमेशा किसी एक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट से जुड़े नहीं रहते हैं। शुरू-शुरू में लोग एओएल, माईस्पेस और फ्रेंडस्टर के दीवाने थे, लेकिन बाद में उन्होंने उसका साथ छोड़ दिया। ऐसे में इन तीनों सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट में मूल्यवान डाटा का फ्लो (प्रवाह) भी रुक गया। अत: अगर आगे चलकर फेसबुक के साथ भी ऐसा हो गया, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।






दैनिक भास्कर :साभार 

2 comments:

  1. बहुत ही रोचक चेतावनी । लोगों को चाहिये कि वह अपना खास डाटा फेसबुक पर ना डालें जो निहायत कीमती हो ।

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  2. आगाह कर दिया आपने आने वाले खतरे से , सार्थक पोस्ट आभार

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--- संजय सेन सागर

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