Sunday, June 19, 2011

एक जल्लाद और कमजोर पिता ने ऐसे मनाया फादर्स डे


एक जल्लाद और कमजोर पिता ने ऐसे मनाया फादर्स डे

विश्व भर और देश भर में आज फादर्स डे यानी पितृ दिवस मनाया जा रहा है ..यह दिन पिता को उसके कर्तव्यों और पुत्र पुत्रियों को पिता के प्रति उनके मान सम्मान की याद दिलाने के लियें मनाया जाता है ..हजारों हजार करोड़ लोग आज के दिन अपने पिता को इस दिवस पर कुछ न कुछ तोहफा देते हैं ..मुस्कुराहट देते हैं लेकिन राजथान के अलवर जिले के एक रविन्द्र नाम के आदमी ने इस दिवस को खून की होली के रूप में मनाया है ...अलवर निवासी रविन्द्र ने १५ जून को अपनी पत्नी और एक पुत्री की गोली मरकर हत्या कर दी थी और एक मासूम पांच साल की बच्ची को घर से लेकर फरार हो गया था उसे पुलिस की तलाश थी लेकिन कल जब लोग पितृ दवस मनाने की तय्यारी कर रहे थे उसने सवाई माधोपुर में एक ट्रेन के बाथरूम में अपनी बच्ची को गले से लगाया और फिर खुद के और बच्ची के गोली मार ली ..फादर्स डे पर पिता ने पुत्री और खुद को मोत के घाट उतर लिया ..पुलिस और प्रशासन ने तो यह कहकर पल्ला झाड़ लिया के म्र्तक रविन्द्र कर्जे में डूबा हुआ था इसलियें उसने पहले अपनी पत्नी और बढ़ी बच्ची की हत्या की और फिर भागते भागते थकने के बाद खुद ने अपनी मासूम बच्ची को सिने से चिपटा कर एक ही गोली से खुद का और खुद की बच्ची का काम तमाम कर  लिया ,,,यह दर्दनाक कहानी इन दिनों इस समाज में रिश्ते नातों की उपेक्षा के कारण समाज का हिस्सा बन गयी है देश में इस तरह के दिवस जिनमे महिला दिवस ,पितृ दिवस,मात्र दिवस , बालिका दिवस जेसे कई दिवस तो मनाये जाते हैं लेकिन समाज और समाज के कल्याणकारी व्यव्य्स्थाओं से जुड़े लोग सरकार के प्रतिनिधि मंत्री अभाव में जी रहे समाज के लोगों के बारे में कोई सुनवाई कोई योजना का प्रस्ताव नहीं रखते हैं नतीजन ऐसे खतरनाक और दिल हिला देने वाले हादसे सामने आते हैं जिनको सुनकर जिनको देख कर महीनों सालों हमारे और आप जेसे लोगों का मन किसी बात में नहीं लगता है और विचलित रहता है तो आओ हम और आप मिलकर इस बुराई ..इस निराशावाद को खत्म कर आशावाद में बदलने के लीयें आज से ही प्रयास शुरू कर दें ....अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

7 comments:

  1. बहुत सच्चा दर्द जी लफ़्ज़ों से ब्यान हो गया !
    इस घटना से सरकार का नकारापन ही साबित होता है ........ आज के ऐसे हालात हो गए हैं की कहीं भी आपकी सुनवाई नहीं है जिसकी लाठी उसकी भैंस वाला हालात है

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  2. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (20-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  3. bahut hi dardmaiper yathart liye hua lekh.desh ka haal logon ki soch bahut bekaar ho rahi hai .per jindagi se palayan koi
    hal nahi hai.apne saath chote chote bachchon ko bhi dardmai moat dete hain .bahut saarthak lekh.



    please visit my blog.thanks.

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  4. सच लिखा है आपने आज का सच यही है

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  5. बहुत सच कहा है..

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  6. आर्थिक वृद्धि की रफ़्तार बताने वाली सरकार ने ही रचा है यह विद्रूप अमीर गरीब का और बड़ा होता फासला .एक दम से बहुत गरीब हैं लोग यहाँ या फिर लग्ज़री कारों को हर हफ्ता बदल कर रहें हैं .टूटी हुई चूड़ियों की तरह .

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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