Friday, April 8, 2011

अन्‍ना झुकने को तैयार नहीं, कांग्रेस ने उठाया अन्‍नागीरी पर सवाल

नई दिल्ली/मुंबई. जन लोकपाल बिल की मांग को लेकर चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे अन्‍ना हजारे ने आज कि सरकार ने उनकी कुछ मांगें मान ली हैं और सरकार ने आश्‍वासन दिया है कि लोकपाल बिल का मसौदा मॉनसून सत्र से पहले पेश किया जाएगा। लेकिन उन्‍होंने साथ ही कहा कि इसके लिए सरकार को जल्‍द से जल्‍द अधिसूचना जारी करनी होगी।

हड़ताल की धमकी

मुंबई की जीवनरेखा यानी लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों के कर्मचारी भी अन्‍ना हजारे के समर्थन में उतर गए हैं। पश्चिम रेलवे के मोटरमैन ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। मोटरमेन यूनियन का कहना है कि यदि अन्‍ना हजारे की मांगें नहीं मानी गईं तो वो ट्रेनों की आवाजाही रोकने के लिए तैयार हैं। ये मोटरमेन भूखे पेट लोकल ट्रेनें चलाएंगे। अंधेरी (पूर्व) के लोग आज शाम से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जुहू में आज शाम साढे छह बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा।

इस बीच, अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार को काबू में लाने के लिए सख्त लोकपाल कानून की मांग पर कांग्रेस ने 72 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता के रुख पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सांघवी ने आज कहा कि सरकार इस तरह की मांगों पर कोई अधिसूचना जारी नहीं कर सकती है, क्योंकि इससे गलत परंपरा की नींव पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि अगर आज सरकार ड्राफ्ट समिति को लेकर कोई अधिसूचना जारी कर देते हैं तो भविष्य में कोई भी समूह दबाव बनाकर सरकार से अधिसूचना जारी करवाने पर मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि हजारे के सहयोगी और इस देश की जनता को हजारे के स्वास्थ्य की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित जन लोकपाल बिल में कई संवैधानिक विरोधाभास हैं, बावजूद इसके सरकार हजारे की कुछ मांगों को मानने के लिए तैयार है।

सरकार ने स्वामी अग्निवेश को भेजा मसौदा, सिविल सोसाइटी से पांच सदस्य होंगेइससे पहले सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर आई कि केंद्र सरकार ने हजारे की ओर से सरकार से बात कर रहे स्वामी अग्निवेश को एक मसौदा भेजा है। सूत्रों के मुताबिक इस मसौदा में सरकार ने कहा है कि लोकपाल बिल तैयार करने वाली प्रस्तावित ड्राफ्ट समिति में पांच सदस्य सिविलि सोसाइटी से होंगे। इस समिति का संयोजन केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली करेंगे। लोकपाल बिल संसद के मॉनसून सत्र में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर आज शाम छह बजे केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री कपिल सिब्बल स्वामी अग्निवेश से तीसरे दौर की बातचीत करेंगे। इससे पहले शुक्रवार की सुबह कपिल सिब्बल ने अग्निवेश से बातचीत के बाद कहा था कि अगर अन्ना हजारे ड्राफ्ट समिति के चेयरमैन बनेंगे तो सरकारी अधिकारी पैनल में शामिल होंगे। सिब्बल ने ड्राफ्ट समिति बनाने के लिए अधिसूचना जारी करने से भी मना कर दिया था।

अन्‍ना हजारे की ओर से सरकार को ताजा प्रस्‍ताव भेजा गया है। इसके तहत लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने वाली कमेटी में दो अध्‍यक्ष होंगे। एक सरकार का नुमाइंदा तो दूसरा सिविल सोसाइटी का प्रतिनिधि होगा। इस बारे में अधिसूचना या शासनादेश जल्‍द जारी किया जाए।  अन्‍ना के सहयोगी सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्‍हें कमिटी के चेयरपर्सन के तौर पर वरिष्‍ठ कैबिनेट मंत्री मंजूर है लेकिन कमेटी का सह-अध्‍यक्ष भी होना चाहिए जो सिविल सोसायटी का नुमाइंदा होगा।

सोनिया को लिखी चिट्ठी 

प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार की सुबह प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अन्ना हजारे से अनशन खत्‍म करने की अपील की। दोपहर में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात कर लोकपाल विधेयक पर चर्चा की।

इससे पहले, शुक्रवार को अन्ना हजारे ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की बैठक में जन लोकपाल बिल पर चर्चा की जाए। साथ ही हजारे ने सोनिया गांधी का उनके प्रति चिंतित रहने के लिए शुक्रिया भी अदा किया है। 

अन्ना मंगलवार से भूख हड़ताल पर हैं। पूरे देश में अन्ना के समर्थन और भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज़ उठ रही है। बड़ी संख्या में लोग दिल्ली के जंतर मंतर और मुंबई के आज़ाद मैदान समेत देश के कई शहरों में अनशन पर बैठे हुए हैं।

जस्टिस वर्मा, हेगड़े के नाम सुझाए; पीएम को नए सिरे से विचार करने को कहा 
प्रधानमंत्री को लिखी एक अलग चिट्ठी में अन्ना हजारे ने उनसे ड्राफ्ट समिति के अध्यक्ष और अधिसूचना जारी करने के मुद्दे पर दोबारा विचार करने की अपील की है। उन्होंने इस चिट्ठी में ड्राफ्ट समिति के अध्यक्ष पद किसी गैर राजनीतिक शख्सियत को देने की जरूरत पर जोर देते हुए जस्टिस (रिटायर्ड) जे.एस.वर्मा और जस्टिस संतोष हेगड़े के नामों का प्रस्ताव भी किया।  अरविंद ने मीडिया में आ रही उन खबरों को गलत बताया है जिसमें कहा गया है कि अन्ना के समर्थकों में फूट पड़ गई है। किरण बेदी को लेकर मीडिया में उठे सवाल पर उन्होंने कहा कि किरण बेदी दो दिनों से बीमार होने के चलते अपने घर पर थीं और आज वे जंतर मंतर पहुंच चुकी हैं और मंच पर मौजूद हैं। अरविंद ने उन आरोपों का भी खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि वे खुद या स्वामी अग्निवेश लोकपाल बिल को तैयार करने वाली प्रस्तावित ड्राफ्ट समिति के अध्यक्ष बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद की चाहत नहीं है। 
  
अन्ना की सेहत
डॉक्टरों ने शुक्रवार की सुबह अन्ना हजारे की मेडिकल जांच की है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले चार दिनों में उनका करीब डेढ़ किलो वजन कम हुआ है और उनका रक्त चाप (ब्लड प्रेशर) भी बढ़ गया है।

योग गुरु रामदेव भी समर्थन में पहुंचे
योग गुरु बाबा रामदेव शुक्रवार की सुबह अन्ना हजारे के समर्थन में जंतर मंतर पहुंच चुके हैं। फिल्म स्टार अनुपम खेर और फिल्म निर्माता प्रीतीश नंदी ने भी जंतर मंतर पर भ्रष्टाचार के विरोध में आम लोगों के अलावा फिल्म और क्रिकेट की दुनिया की बड़ी शख्सियतों को आगे आकर अभियान का समर्थन करने की अपील की है। 
अमेरिका में दांडी मार्च
भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज़ सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं है। लॉस एंजेल्स में रह रहे भारतीय लोग अन्ना हजारे के समर्थन और भ्रष्टाचार के विरोध में एक दिन उपवास रख रहे हैं। इस उपवास का आयोजन अप्रवासी भारतीयों के उसी समूह ने किया है जिसने कुछ दिनों पहले दांडी मार्च दो का आयोजन किया था। इस मार्च के दौरान अमेरिका में 240 मील लंबी यात्रा की गई थी। उपवास और दांडी मार्च के आयोजकों में से एक शशिधर कलागरा ने कहा कि जंतर मंतर पर अन्ना हजारे के अनशन के समर्थन में अमेरिका में रह रहे भारतीय बड़ी तादाद में आगे आए हैं।   

भ्रष्टतंत्र के विरुद्ध जनतंत्र
सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और अन्ना हजारे के प्रतिनिधि के तौर पर अरविंद केजरीवाल और स्वामी अग्निवेश के बीच गुरुवार को दो दौर की बातचीत में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी।
सहमति:
1. अन्ना हजारे और उनके सहयोगियों की मांग थी कि बिल के लिए सरकार से बाहर के लोगों के साथ मिलकर सरकार संयुक्त समिति गठित करे। सरकार इसके लिए सहमत है। प्रस्तावित समिति में पांच सदस्य सरकार की तरफ से पांच गैर-सरकारी होंगे।

2. हजारे की मांग है कि लोकपाल से जुड़ा बिल पहले से ज्यादा सख्त हो, इस बात पर भी सरकार सहमत है।

3. हजारे चाहते हैं कि बिल को जल्द से जल्द कानून की शक्ल दी जाए। सरकार लोकपाल बिल को संसद के मॉनसून सत्र में लाने को तैयार है।

मतभेद:
1. सरकार पहले समिति का अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री प्रणव मुखर्जी या किसी और वरिष्ठ मंत्री को बनाने की बात कर रही थी। मगर फिर वह किसी रिटायर्ड जज पर सहमत हो गई है। लेकिन हजारे के समर्थक अध्यक्ष पद पर किसी गैर सरकारी व्यक्ति को चाहते हैं। हालांकि हजारे ने इस बात का खंडन किया कि वे समिति का अध्यक्ष बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे सलाहकार या सदस्य की हैसियत से समिति में रहेंगे।

2. हजारे समर्थक समिति को आधिकारिक स्वरूप देने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए सरकारी अधिसूचना जारी करने की मांग की गई है। लेकिन समिति गठन करने की अधिसूचना जारी करने को राजी नहीं हैं।

सोशल नेटवर्क पर भी मुहिम
अन्ना के साथ आमरण अनशन करने वालों की संख्या दो सौ से अधिक हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर बेंगलुरु, चंडीगढ़, लखनऊ, पुणे, पटना, और मुंबई सहित देश के कई शहरों में उनके समर्थन में लोग आगे आ रहे हैं। इंटरनेट पर ट्विटर और फेसबुक सहित कई सोशल नेटवर्क पर भी अन्ना हज़ारे के आंदोलन को मिल रहा समर्थन व्यापक रूप लेता जा रहा है।

कई शहरों में समर्थन
दिल्ली: स्कूली बच्चे भी हजारे के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे।

रांची: 1970 के दशक के जेपी आंदोलन में शामिल हुए लोगों ने उपवास रखा।

लखनऊ: वी द पीपल ने प्रभावी लोकपाल बिल के समर्थन में प्रदर्शन किया।

भोपाल: गैस पीड़ितों का संगठन शुक्रवार से उपवास आरंभ करेगा।

कोलकाता: गांधी शांति प्रतिष्ठान और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सोमवार को 12 घंटे का उपवास करेंगे।

हैदराबाद: लोकसत्ता पार्टी के कार्यकर्ता शुक्रवार और शनिवार को रैली निकालेंगे और सत्याग्रह करेंगे।

आपकी राय
क्या अन्‍ना दूसरे गांधी साबित होंगे? अपनी ही सरकार के खिलाफ उनकी लड़ाई अंजाम तक पहुंच पाएगी? आखिर अन्‍ना ऐसी क्‍या मांग कर रहे हैं, जिसे मानने में सरकार को परेशानी हो रही है? जो सरकार कहती रही है कि वह भ्रष्‍टाचार के खिलाफ है, उसे भ्रष्‍टाचार पर निगरानी रखने के लिए जनता का एक प्रतिनिधि नियुक्‍त करने में क्‍यों परेशानी हो रही है? क्‍या यह सरकार का भ्रष्‍टाचार से निपटने को लेकर दोहरा रवैया नहीं उजागर करता है? ऐसे में सरकार कभी भ्रष्‍टाचार मिटा पाएगी? सरकार तैयार नहीं है तो जनता अपने दम पर भ्रष्‍टाचार से लड़ सकेगी? या फिर वह भ्रष्‍टाचार के साथ जीने की आदी और इसके लिए अभिशप्‍त हो चुकी है? ऐसे कई सवाल उठते हैं। इन सवालों के जवाब और बाकी सवाल आपस में पूछने-बताने के लिए आप हमारे जरिए बहस में शामिल हो सकते हैं। नीचे कमेंट बॉक्‍स में अपनी बात लिखें और दुनिया भर के पाठकों के साथ बहस में शामिल हों।

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