Tuesday, March 8, 2011

बीटी इंजीनियरिंग कॉलेज में तोड़-फोड़

                                                                                                                 फाइल फोटो: 

सागर & शहर के सिरोंजा गांव स्थित प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज बीटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने परीक्षा में कम नंबर मिलने पर आक्रोश जताते हुए सोमवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने पथराव कर कॉलेज बिल्डिंग में सामने की तरफ लगे कांच फोड़ दिए। इसके बाद कुछ देर के लिए देवरी मार्ग पर चक्काजाम भी किया। स्थिति बेकाबू होते देख कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद छात्रों व प्रबंधन के मध्य चर्चा हुई।

आंदोलन करने वालों में अधिकांश विद्यार्थी पांचवे सेमेस्टर की कक्षा के थे। जानकारी के मुताबिक विद्यार्थियों व प्रबंधन के बीच तनाव की स्थिति गत 48 घंटों से चल रही थी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विषय के छात्र सौरभ नाहर का कहना था कि वह और उसके अधिकांश साथी अपनी कक्षाओं में नियमानुसार उपस्थित रहते हैं लेकिन मैनेजमेंट ने हम पर दबाव बनाने के लिए सेशनल परीक्षा में बहुत कम नंबर दिए। इस संबंध में जब छात्रों के एक समूह ने गत दिवस कॉलेज मैनेजमेेंट से संपर्क साधा तो उन्होंने कुछ भी रियायत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अगले दिन सुबह 9 बजे विद्यार्थियों ने कॉलेज के बाहर आंदोलन शुरू कर दिया।

ज्ञापन में की 90

फीसदी अंकों की मांग

दोपहर करीब 2 बजे तक चले आंदोलन के बाद विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन से पुलिस की मौजूदगी में चर्चा की। जिसमें उन्होंने सेशनल परीक्षा में 90 फीसदी अंक दिए जाने की मांग दोहराई। हालांकि प्रबंधन ने इस मांग को नियम विरुद्ध बताते हुए मानने से इनकार कर दिया। इसके अलावा प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि जो शिक्षक अपनी कक्षाएं नहीं ले रहे हैं या वह विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों पर खरे नहीं उतर रहे हैं उनके विरुद्ध लिखित शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।

तोडफ़ोड़ करने वालों में अधिकांश विद्यार्थी भूतपूर्व छात्र हैं। इसके अलावा उनके द्वारा 90 फीसदी अंक की मांग करना नाजायज है। अधिक फीस लेने और फैकल्टी मेंबर की योग्यता के संबंध में एआईसीटी, आरजीपीवी एवं यूजीसी के मानकों का पालन किया गया है। उनकी अन्य मांगों पर प्रबंधन गंभीरता से विचार कर रहा है।""

तरुणसिंह, टीपीओ

कम नंबर के बहाने फीस जमा कराने का दबाव !

कॉलेज के एक अन्य छात्र सरस जैन का कहना था कि कॉलेज मैनेजमेंट हम लोगों से अक्सर किसी न किसी बहाने बेजा फीस वसूलता रहता है। इस दफा जब अधिकांश छात्रों ने इस फीस को जमा करने से इनकार कर दिया तो उनके सेशनल परीक्षा के नंबरों में कटौती की गई। सरस का कहना है कि कॉलेज में वर्तमान में जो भी फैकल्टी मेंबर हैं उन्हें शैक्षणिक कार्यानुभव नहीं है। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस संबंध में प्रबंधन को कई बार अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई

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