Tuesday, March 8, 2011

अभिज्ञात: भूलने वाले तुझे क्या याद भी आता हूं मैं

अभिज्ञात: भूलने वाले तुझे क्या याद भी आता हूं मैं: "संस्मरणः शलभ श्रीराम सिंह, साभारः धरती भूलने वाले तुझे क्या याद भी आता हूं मैं. शलभ जी ने मुझे एक ख़त में लिखा था. यह शेर किसी और का था मगर ..."

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...