Sunday, February 13, 2011

अभिज्ञात: सोने की आरामकुर्सी वाला आदमी

अभिज्ञात: सोने की आरामकुर्सी वाला आदमी: "कहानी साभारःवर्तमान साहित्य, फरवरी 2011 रोज़ की तरह सुरेश आठ घंटे की क्लर्की की ड्यूटी बजाने के बाद घर लौटा था। वह एक निज़ी जूट मिल में कार्..."

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--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...