Friday, January 21, 2011

उलझन: इन्हें परिवार में सभी की चिंता है, पर मेरी नहीं

इस बार उलझन में हम बात कर रहे है विनीता जी की,यह एक संयुक्त परिवार से है जहा एक लम्बा अरसा गुजार देने के बाद भी वो समस्यों से दो चार हो रही है उन्होंने अपनी समस्या को रखा है जहा कुछ दोस्तों ने अपने सुझाबों के माध्यम से निराकरण करने की कोशिश की है,हमें आपके भी जवाबों की प्रतीक्षा है और अगर आप भी कशमकश या उलझन में है तो हमें कहें :-माडरेटर






 उलझन
विनीता सिंह कोटा, राजस्थान
मैं कार्यरत महिला हूं। हमारा संयुक्त परिवार है। पति लेखाकर हैं व शादी को पंद्रह साल पूरे हो चुके हैं। सालभर से मैं मानसिक तनाव झेल रही हूं। पति जरा-जरा सी बात पर चिल्लाना शुरू कर देते हैं। साथ ही इनकी मां भी शुरू हो जाती हैं। ये अपनी बातें बहन, मां, मामी और भाइयों से बांटते हैं, लेकिन मुझसे कभी नहीं। बड़ों की देखा-सीखी बेटी भी मुझे कुछ नहीं समझती। कई बार सोचती हूं आत्महत्या कर लूं या अलग हो जाऊं, पर परिवार की प्रतिष्ठा का ख्याल आते ही रुक जाती हूं। हमारे बन रहे नए मकान की केवल नींव भरकर छोड़ दी है। पति मुझे कहते हैं ‘तेरी वजह से काम बंद किया है, तू हमेशा घर में लड़ाई-झगड़े करती रहती है न इसलिए..।’ इन्हें परिवार में सभी की चिंता है, पर मेरी नहीं। बहुत परेशान हूं, राह दिखाएं।


सराहनीय सुझाव
शीतल एस। निमरानी, मध्यप्रदेश

विनीता जी, आपकी समस्या पिछले एक वर्ष से है, यानी इससे पहले सब ठीक चल रहा था। घर की परिस्थतियों का बारीकी से अध्ययन कर समस्या की सही वजह का पता लगाएं। हो सकता है कि व्यस्तता के चलते आप परिवार को समय न दे पा रही हों और आपके पति मकान निर्माण व कार्य के दोहरे बोझ के कारण चिड़चिड़े हो गए हों। या सम्भव है कि पति-पत्नी के तालमेल में कमी के चलते घर के अन्य सदस्यों को सहानभूति जताने का मौका मिल जाता हो। अपने परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। पति को अहसास दिलाएं कि उनकी हर मुश्किल में आप साथ हैं। धीरे-धीरे सब ठीक होने लगेगा।


विनीता जी, कार्यरत होने के नाते आपको घर व बाहर दोनों जगह संतुलन बनाए रखना होगा। आशावादी रहकर धर्य और शांति से काम लें। परिवार के प्रत्येक सदस्य के प्रति अपनत्व रखते कर्तव्य निभाएं। अपनी आधी कमाई परिवार के लिए खर्च करें और आधी भविष्य के लिए अपने पास रखें। पति से बच्चों की शिक्षा और भविष्य के बारे में बात करते रहें।
मोहन उपाध्याय। अजमेर, राजस्थान

विनीता जी, उन कारणों का पता लगाएं, जो पिछले एक वर्ष के दरमियां आपके रिश्ते में आए और आपके दुखों का कारण बन गए। हो सकता है कि आप एक बहू, पत्नी और मां के रिश्ते में सामंजस्य नहीं बैठा पा रही हों। पति और बेटी को समझाने की कोशिश करें, यदि कोई अपशब्द कह भी देता है, तो प्यार की प्रतिक्रिया दें। आपकी समस्या हल हो जाएगी।
मनीषा शामनानी। जयपुर, राजस्थान

1 comment:

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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