Wednesday, January 19, 2011

हर कोई प्रतिभावान


लेखक , कवि व् साहित्यकार 
तो पहले भी कई हुए !
 अपने - अपने विचारों से 
सबने  पन्ने भी हैं भरे !
स्कूल , कालेजों मै , 
हमने भी उन्हें पढ़ा ,
पर क्या आज तक उनके 
 कहने पे कोई  चला ?
हर किसी ने अपनी ही बात का 
अनुसरण  है  किया !
क्युकी हर कोई अपनी
दिल कि कहानी लिखता  है !
अपनी ही सोच को ...............
 ख़ाली कर .............. आने वाली
सोच का स्वागत करता है !
 ये उसकी एक छोटी सी.......... 
कोशिश ही तो  होती है !
यु समझो अपने साथ बीते............
लम्हों कि बात  होती है   !  
क्युकी ...... इन्सान के सोच का 
तो कोई अंत नहीं !
अगर कोई लिखने लगे तो 
दिनकर , प्रेमचंद जी से भी कोई कम नहीं !
हर किसी के पास............... 
सोच का एक बड़ा खजाना है !
यु समझो सबने  अपने विचारों से 
इतिहास को रचते  जाना है   !

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति.बधाई...

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  2. अपने विचारों से
    इतिहास को रचते जाना है !

    वाह जी वाऽऽह ! क्या निश्चय है ! बहुत ख़ूब !

    ~*~ हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !~*~
    शुभकामनाओं सहित
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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