Sunday, December 12, 2010

loktantrik desh

भावनाओं को आहत करना ;
आशाओं को निराशा में बदलना ;
बढ़ने वाले क़दमों को रोकना ;
मेहनत करने वाले हाथों को काटना ;
मासूमों को फाँसी पर चढ़ा  देना;
दुल्हनों के सुहाग को वैधव्य में पलटना ;
ये सब हो रहा है उस देश में जिसे कहते है
          ''लोकतान्त्रिक देश ''

2 comments:

  1. loktantra ko janta ka shasan kahte hain kintu janta tab taq sahi kam nahi karti jab taq us par kisi ka dabav na ho.isiliye loktantra fail hai.aur ye sab hona hi hai ...achhi bhavabhivyakti....

    ReplyDelete
  2. भावना हो तो कोई भावनाओ की कदर करेगा
    निराशा मै बड़ने वाले कदमो को रोक सकेगा
    मेहनतकश हाथो को चूमेगा..................
    मासूमो को फाँसी मै चड़ने से रोक सकेगा
    दुल्हन को प्यार और सम्मान दे कर ......
    ये लोकतान्त्रिक देश कहलायेगा !

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...