Thursday, December 30, 2010

आओ मेरे आगंतुक हम स्वागत को तैयार॥है...हम भी तो तेरे यार है..हम भी...

नैके सलवा मा नशा हम छोड़ देबय॥
बिन फ़ोकट बिमारी नहीं लेबय॥
गाल मुह सूख गैले,, होय गहे बुढ़वा ॥
हमका घेर्रावय काल वाला पड़वा॥
दारू गांजा से दूर रहवे ..नैके सलवा मा नशा हम छोड़ देबय॥
सब कुछ देख लीं मज़ा नहीं येहमा॥
बहुत बुरायी होत फंस गए गेह मा॥
सब का शिक्षा ईहे हम देबय॥
नैके सलवा मा नशा हम छोड़ देबय॥


आओ मेरे आगंतुक हम स्वागत को तैयार॥
हम भी तो तेरे यार है हम भी तेरे यार है...

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--- संजय सेन सागर

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