Friday, December 24, 2010

मई बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया

यही तो हमारे भारत की भ्रष्टाचार की कहानी है॥ लोग रूपए कमाने के चक्कर में क्या कया काम करते कोई कपड़ा उतार देता है , तो कोई कपडे को उठा देता है॥ को शिर्फ़ कमाई के लिए काम करते है,।
हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए ... हमने तो रोज़ पढ़ना पड़ता है और देखना पड़ता की कौन क्या कर रहा है ॥ आज का युग ही ऐसे हो गया है॥ हमने भी सूना था अपने दादी और नानी के मुख से की जब कलयुग आयेगा तो॥ लोग किसी को पहचाने गे नहीं सिर्फ लोग अपना उल्लू सीधा करेगे केवल अपने काम के लिए...

1 comment:

  1. bahut dino ke baad aaj ham aaye hai..
    aap ki bagiyaa me foolo ko sajaye hai..
    kuchh taklif hame thee jo aane me asmarth thaa..
    kuchh apani mazburi thee jo bataane me byarth thaa...

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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