Sunday, December 26, 2010

देश के लियें कल का एक अफ़सोस नाक दिन

दोस्तों कल यानि शनिवार की २५ तारीख जब लोग क्रिसमस की एक दुसरे को बधाइयां दे रहे थे तब हमारे देश के वैज्ञानिक खून के आंसू रो रहे थे , जी हाँ दोस्तों दक्षिणी भारत में श्री हरिकोटा जहाँ से हमने आसमान को दुनिया को हर बार जीता ही जीता हे वहीं से जी एस एल विमान रोकेट की उडान असफल हो गयी और इस असफलता में देश के १२५ करोड़ रूपये का नुकसान हुआ ही सही साथ ही देश के वैज्ञानिक भी सदमे में आ गये ।
कल अपरान्ह हमारे देश के वैज्ञानिकों की सालों की महंत से करीब १२५ करोड़ रूपये खर्च कर बनाया गया जी एस एल वी सिक्स जो जी सेट पी ५ को साथ लेकर उडान भरने वाला था और यह २इ की जगह लेने वाला था वोह विमान कुछ देर के लियें उड़ा और पल भर में ही बर्बाद हो गया पूरी उड़ान असफल हो गयी हमारे वैज्ञानिक इस हादसे या यूँ कहिये इस असफलता को खामोश खड़े तकते रहे , यह विमान हमारे वैज्ञानिकों की वर्षों की महंत का नतीजा था और इस विमान से हमारे देश की संचार तकनीक और दूसरी व्यस्थाओं के साथ साथ देश के सफलतम वैज्ञानिकों का साहस और भावनाएं जुडी हुई थी अचानक इस हादसे से देश और वैज्ञानिक सदमें में हें और हमारे देश के लियें कल का दिन आसोस्नक साबित हुआ हे लेकिन दोस्तों और मेरे देश के वैज्ञानिकों गिरते वही हें जो शाह सवार होते हें वोह तिफ्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चला करते हें , इसलियें अभी हमें ,हमारे देश को हमारे देश के वैज्ञानिकों को हताश और निराश होने की जरूरत नहीं हें मशीनरी हे उसमें बुल्चुक या अकिसी भी तकनीकी कारणों से हादसा हो सकता हे हम फिर उठेंगे और फिर नया इससे बहतर इससे उपयोगी विमान रोकेट बनायेंगे ऐसी ही हमारी दुआ हे खुदा इस दुआ को जल्दी से पूरा करे । अख्तर खान अकेला कोटा राजस्थान

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