Friday, December 24, 2010

बुढापे में चढ़ी जवानी

दोस्तों कहते हें के ऊमर के किसी भी पढाव पर जिस्म चाहे बुढा हो जाए लेकिन दिल हे के हमेशां जवान ही रहता हे और प्यार , दिल्लगी की कोई ऊमर नहीं होती हे ऐसा ही एक सच कोटा में देखने को मिला ८५ साल के मदनमोहन शर्मा कोटा पाटनपोल सतही मथुराधीश के मन्दिर पर दर्शन के लियें जाते थे वहां उनकी मुलाक़ात एक ६५ साल की महिला से हो गयी दोनों की रोज़ बातचीत ने दोनों का अकेला पन दूर किया और एक दुसरे को एक दुसरे के इतना नजदीक कर दिया के दोनों ने इस ऊमर के पढाव पर एक दूजे के लियें एक दूजे के साथ रहने की कसमें खा लीं , मदनमोहन जी कहने को तो ८५ सक जे हें लेकिन पुलिस के सेवानिव्र्ट अधिकारी हे इसलियें उन्होंने अपनी प्रेमिका का हाथ थमा और क्लेत्रेट ले जाकर विशेष विवाह अधिनियम के प्रावधानों के तहत विवाह रचने का आवेदन पेश किया अब जब मिडिया को पता चला तो वोह कहाँ चुप होने वाला था पहुंच गया उनकी निजी जिंदगी में दखल देने के लियें किसी ने कहा के प्यार मोहब्बत से इसका कोई सम्बन्ध नहीं महिला को सेवानिव्रत्त पुलिस अधिकारी की पेंशन दिलवाने के लियें यह प्रपंच रचा गया हे लेकिन मामला कुछ भी हो फ़िलहाल तो दिल का ही मामला लग रहा हे और दोनों व्र्द्धाश्र्म के सी पढ़ाव पर जब उन्हें राम राम की लो लगने वाली थी तब विधि अनुसार समाज के सारे कायदे कानून ताक में रख कर दिल की आवाज़ सुन कर दिल का मामला हे की तर्ज़ पर समाज के सामने आ गये हें इश्वर उनके इस प्यार की मान मर्यादा कायम रखे । अख्तर कहाँ अकेला कोटा राजस्थान

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--- संजय सेन सागर

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