Saturday, November 20, 2010

प्यारी सी कली जब फूल बन खिली




एक प्यारा सा सन्देश बेटियों के नाम .............

तुम तो इस बगिया की 
              प्यारी सी वो कलियाँ हो 
माँ - बाबा के प्यार से 
             अब फूल  बन खिली हो 
जिन्दगी की दोड़ मै 
            खुद को कम न समझना 
तुम पर ही टिकी होगी नीव 
           पर उसे विरासत न समझना 
किसी के अत्याचार को  तुम 
                 हरगिज कभी  न सहना
पर किसी को प्यार देने से भी 
               पीछे कभी  तुम ना हटना 
 बच्चों  को प्यार देना 
               अच्छे संस्कार देना 
कोई तुम्हें दुत्कारे तो 
              उसका भी जवाब देना 
सबका ख्याल रखना 
                बेचारगी  मै न जीना 
स्त्री की हिम्मत को समझना 
                 उसको बनाये रखना 
जिंदगी तो रोज़ एक सवाल है 
                  तो   जवाब देते रहना
फिर अपने इस संसार को तुम 
                    येसे खुशहाल रखना  
दोनों घरों की इज़त को तुम ..............
                     बरकरार रखना
अपनी प्यारी सी बगिया को तुम 
                  हर दम आबाद रखना  
सबकी दुआए लेना 
             सबको दुआए देना 
तुमसे ही है  ये दुनिया 
            हर दम ख्याल रखना ?

4 comments:

  1. बहुत ही प्यारी सीख देती अभिव्यक्ति।

    ReplyDelete
  2. हमे आपका इंतजार रहता है दोस्त शुक्रिया !

    ReplyDelete
  3. बहुत अच्छी सीख दे रहीं हैं बेटियों को. बेटियाँ अगर हमारे घर का फूल हैं तो दूसरे घर के गुलदस्ते में सज कर महकना भी है . जिससे बगिया और माली दोनों को ही गर्व का मौका मिले हमारे संस्कारों कामान रख कर नारी के दायित्वों को पूर्ण आत्मसम्मान और गर्व के साथ पूर्ण किया है.

    ReplyDelete
  4. धन्यवाद दोस्त !

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...