Saturday, October 30, 2010

तो ये है इनकी तरक्की का राज

इसे कहते हैं अखबार का सही उपयोग, ऐसे ही नहीं इस अखबार ने दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की कर ली। जी आप बिल्कुल ठीक समझें, यहां बात दैनिक भास्कर की हो रही है। इस अखबार पर हमेशा से ही प्रशासन से साठ-गांठ कर अपना हित साधने के आरोप लगते रहे हैं।

जिसके भौतिक उदाहरण है- गरीबों की हड़पी हुई जमीन पर अरबों रूपये का डीबी मॉल, आदित्य एवेन्यू जैसे कई पॉश्‍ा कॉलोनियां, नमक, कपडों की फैक्ट्री, एफएम, केबल और ना जाने क्या-क्या? यह सब भी केवल अखबार की दम पर, कैसे? आइए आपको इनकी तरक्की का राज बताते है। यह अखबार अपने सर्कुलेशन को बिल्कुल प्रोफेशनल तरीके से भुनाता है। इसीलिए तो इनके कोई भी काम शासन-प्रशासन में अटकते नहीं।

जब कभी कोई बड़ा प्रोजेक्ट किसी राज्य में शुरू करना हो तो वहां की सरकार को घेरना शुरू कर देते हैं, इसी के चलते उमा भारती ने प्रेस कान्फ्रेन्स बुलाकर खुले तौर पर इस अखबार की ब्लैकमेलिंग उजागर की थी। उमा जी ने तमाम इलेक्‍ट्रॉनिक एवं प्रिन्ट मीडिया के सामने भास्कर पर आरोप लगाया था कि उनके किसी भूमि संबंधी विवाद का चूंकि उमा भारती ने समर्थन नहीं किया इसीलिए अखबार में उनकी झूठी खबरें प्रकाशित की गईं।

ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का है, एक और जहां अन्य सभी अखबार खजुराहों इन्वेस्टर्स समिट की सराहना कर रहे थे, वहीं इस अखबार ने शुरू से ही समिट को लेकर निगेटिव खबरें प्रकाषित की, गलत आंकड़े प्रस्तुत किए और जब इतने से भी बात नहीं बनी तो दिनांक 28 अक्टूबर के अखबार के प्रथम पृष्ठ पर पूरे समिट के नतीजों को ही संदेहास्पद बता कर लीड स्टोरी प्रकाशित कर दी।

परन्‍तु कल शिवराज सिंह से हुई संपादक की 'विषेष अनौपचारिक चर्चा' के बाद आज ठीक इसके उलट पूरी तरह सकारात्मक खबर प्रकाशित की गई। साथ ही इसके लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा भी की गई। अब इस प्रकार की मेनूपूलेटिव खबरों के साथ इस अखबार के उज्‍ज्‍वल भविष्य का सपना देख रहे इसके आकाओं को गंभीर विचार करना चाहिए, क्योंकि एक समय के बाद आप पाठक को अधिक मूर्ख नहीं बना सकते। दोनों खबरें मय फोटों के आपके सामने है बाकी की टिप्पणी आप खुद ही कीजिए।

भोपाल से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


दैनिक भास्‍कर

भास्‍कर


1 comment:

  1. यही सच्ची तस्वीर है इस अखबार की.. अच्छा किया आपने सब के सामने रखा, हो सकता है कुछ और लोगों की आखें खुलेंगी...
    बहुत बहुत धन्यवाद...
    मेरे ब्लॉग पर इस बार चर्चा है जरूर आएँ...
    लानत है ऐसे लोगों पर....

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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