Friday, October 15, 2010

खेलगांव में कंगारुओं का उत्‍पात, सचिन के खिलाफ नारेबाजी

गुरुवार को समाप्‍त हुए कॉमनवेल्‍थ खेलों में अच्‍छा प्रदर्शन कर आस्ट्रेलियाई प्रतिभागी भले ही कॉमनवेल्थ की पदक तालिका में सबसे ऊपर रहे हों, लेकिन उनका व्यवहार विजेता जैसा नहीं रहा। उनके खिलाड़ियों ने कई बार खेल भावना के विपरीत व्यवहार किया। और हद तो तब हो गई जब वे कंगारुओं को क्रिकेट टेस्ट सीरीज में मिली हार को पचा नहीं सके और खेल गांव में तोड़फोड़ कर दी। कुछ लोगों का दावा है कि वे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से खासे नाराज थे और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।

खेल आयोजन समिति (ओसी) ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि की है, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया का कहना है कि उसके खिलाड़ी ऐसी किसी घटना में शामिल नहीं थे। दिल्‍ली पुलिस के प्रवक्‍ता राजन भगत ने भी कहा कि खेल गांव के स्‍टाफ के मुताबिक तोड़फोड़ हुई है, लेकिन किसी ने पुलिस में इसकी औपचारिक शिकायत नहीं कराई है। विदेश मंत्री एसएम कृष्‍णा ने कहा है कि ऑस्‍ट्रेलिया से हमारे रिश्‍ते अच्‍छे हैं। बातचीत से मामला सुलझा लिया जाएगा।

ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ियों ने मंगलवार और बुधवार की रात खेल गांव में न सिर्फ हंगामा मचाया बल्कि तोड़फोड़ भी की। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपने कमरे में रखी वाशिंग मशीन को भी ऊपर से नीचे फेंक दिया। गनीमत तो यह रही कि कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया। इतना सब होने के बावजूद भी आर्गनाइजिंग कमेटी ने खिलाड़ियों के लिए खिलाफ पुलिस से कोई शिकायत नहीं की। कमेटी का कहना है कि छोटी-मोटी घटनाएं तो होती ही रहती हैं।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को टॉवर संख्या 19, 20 और 21 में रहने के लिए कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे पहला हंगामा 12-13 अक्टूबर की रात को हुआ। चार-पांच ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने डाइनिंग एरिया में खाने-पीने के बाद हंगामा करना शुरू कर दिया और वहां तोड़फोड़ भी की।

किसी तरह से उन्हें शांत कर अपने अपने कमरों में भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने पर भी वे शांत नहीं हुए और उन्होंने टॉवर की लाइटें भी तोड़ डालीं। मामले की जानकारी होने पर टीम के कोच को इससे अवगत कराया गया, जिसके बाद उन्हें शांत कराया गया।

ऑर्गनाइजिंग कमेटी के अधिकारियों ने इस बाबत पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है। बल्कि, सुबह होते ही जो लाइटें खिलाड़ियों ने तोड़ी थीं, उन्हें ठीक करा दिया गया। इसका नतीजा यह रहा कि 13-14 अक्टूबर की रात भी ऑस्ट्रेलिया के कुछ खिलाड़ियों ने अपने फ्लैट में हंगामा मचाया। इस बार उन्होंने तो फ्लैट में रखी वाशिंग मशीन ही ऊपर से नीचे लॉन में फेंक दिया, जिसका पता सुबह चला। 13 अक्टूबर को ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बेंगलुरु में सात विकेट से हराया था।

सुबह होते ही कमेटी के अधिकारियों ने तुरंत ही नीचे फेंके गए मशीन को वहां से हटवाया। इस बार भी पुलिस से कोई शिकायत नहीं की। पुलिस अधिकारी का कहना है कि बुधवार देर रात भी कुछ एथलीटों के बीच कहासुनी के बाद मामूली मारपीट हो गई थी, लेकिन जब तक कोई शिकायत नहीं मिलती है, हम किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते।

जब कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गनाइजिंग कमेटी के एसडीजी (समारोह) सुधीर मित्तल से ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा फ्रिज ऊपर से नीचे फेंकने व टॉवर की लाइट फोड़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारा आयोजन सफल रहा है और सभी देशों के खिलाड़ियों व अन्य प्रतिनिधियों ने पूरा-पूरा सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि जिस भी टीम के खिलाड़ी किसी सामान को तोड़ते-फोड़ते हैं तो उनकी टीम से उसकी कीमत वसूल ली जाती है।

घटना तो हुई, लेकिन हम बेकसूर--ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ टीम के शेफ-डि-मिशन पैरी क्रासव्हाइट के अनुसार कुछ सामान तो बिल्डिंग से नीचे फेंका गया है, लेकिन घटना में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शामिल नहीं हैं। उन्होंने आठवीं मंजिल से वॉशिंग मशीन फेंके जाने की बात मानी और कहा कि घटना के समय दूसरे देशों के खिलाड़ी भी खेल गांव में मौजूद थे और संभावना है कि इसमें वे शामिल हों।

ऑस्ट्रेलियाई पहलवान ने किए रैफरी को अश्लील इशारे
इसके पहले भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान कई बार हंगामे किए। ऑस्ट्रेलियाई पहलवान हसन फकीरी ने भारतीय पहलवान अनिल कुमार से हारने के बाद  हाथ मिलाने से ही इंकार कर दिया। और यही नहीं रैफरी की तरफ अश्लील इशारे भी किए।  ऑस्ट्रेलियाई पहलवान हसन फकीरी भारत के अनिल कुमार से ग्रीक रोमन कुश्ती के 96 किलो वर्ग में हार गया था। हारने के बाद फकीरी ने न केवल भारतीय पहलवान से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया बल्कि रैफरी की तरफ बीच की इंगली से अश्लील इशारे किए। इसके बाद उनका रजत पदक छीन लिया गया। हालांकि बाद में उन्होंने अपने व्यवहार के लिए माफी मांग ली।

ऑस्ट्रेलिया के साइक्लिस्ट ने मारी टक्कर
ऑस्ट्रेलिया के साइक्लिस्ट शेन पार्किंस ने रेस के दौरान जानबूझकर लापरवाही से साइकिल चलाई, जिससे दक्षिण अफ्रीका के साइक्लिस्ट बर्नार्ड पियरे घायल हो गए। पियरे को बाद में स्ट्रेचर पर उठाकर ले जाना पड़ा था।

इन दोनों ही मामलों में खिलाड़ियों को खेल से बाहर कर दिया गया।

रातभर शराब पीते थे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी खेलगांव से गायब रहकर रात- भर शराब पीते थे और पार्टी करते थे। इसी आरोप में एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को खेलों के दौरान ही ऑस्ट्रेलियाई टीम के शेफ-डि-मिशन पैरी क्रासव्हाइट ने वापस भेज दिया। इस ऑस्ट्रेलियाई  अधिकारी ने स्वीकार किया कि एक खिलाड़ी को नियमों का उल्लंघन करते हुए देर रात पार्टियां करने के आरोप में कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान वापस भेजा गया। लेकिन उन्होंने उसकी पहचान बताने से इंकार किया। ऑस्ट्रेलिया के धावक माइकल शैली ने बताया कि कई खिलाड़ी रातभर गायब रहते थे, और जब सुबह वे नाश्ता कर रहे होते थे, तब उनका वापस लौटने का समय होता था।


(फोटो कैप्शन: समापन समारोह के दौरान ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ टीम का एक सदस्य)



3 comments:

  1. हम तो मेजबानी का फ़र्ज़ निभा रहे थे
    क्या करते ..............................
    अतिथि देवो भव

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  2. बेहतरीन पोस्ट .आभार !
    महाष्टमी की बधाई .

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  3. हमने तो अपनी तरफ से कोई गलती नहीं की ! हमारा काम तो सफलता पूर्वक समाप्त हो गया जानकारी के लिए धन्यवाद !

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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