Sunday, September 5, 2010

दी हुई नींद: उम्र

दी हुई नींद: उम्र: "अर्जित की जाती है कंजूस बनिए सी ख़र्च सूद में से टूट जाती है आईने की तरह अचानक कच्च से फूलहा परातों सी होती है उम्र रखे-रखे ही पड़ जाती ..."

सारांश यहाँ आगे पढ़ें के आगे यहाँ

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...