Sunday, September 5, 2010

दी हुई नींद: रिश्ता

दी हुई नींद: रिश्ता: "किसी भी समय दिख जाता है वह अलस्सुबह, दोपहर, सांझ या रात में उसके कंधे पर लदी होती है कुर्सियां, सिर पर मेज़, हाथ में छोटा स्टूल पीली मिट्टी ..."

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--- संजय सेन सागर

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