Sunday, August 22, 2010

असुविधा के लिए खेद है ,बहुत जल्द नए रूप में मिलते है

हिन्दुस्तान का दर्द को तकनीकी एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कुछ सुधार किये जा रहे है जिस वजह से नियमित लेखन में कुछ व्यवधान पड़  रहा है जिसके लिए हमें खेद है..
अगर आप  हिन्दुस्तान का दर्द को तकनीकी एवं सुविधाजनक बनाने में हमारी कुछ मदद करना चाहते है तो आपके सुझावों का स्वागत है ,आपके सहयोग और स्नेह की आशा के साथ......

संजय सेन सागर 

असुविधा के लिए खेद है ,बहुत जल्द  नए रूप में मिलते है  

1 comment:

  1. दर्द की प्रस्‍तुति अपने स्‍वाभाविक रूप में ही हो तो अच्‍छा लगता है.

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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