Wednesday, July 7, 2010

जिसने नमाज़ तर्क की !

जिसने  फज्र की नमाज़ तर्क की उस  के चेहरे से नूर ख़त्म कर दी जाती है 

जिसने जुहर की नमाज़ तर्क की उस की रोज़ी बरकत ख़त्म कर दी जाती है 

जिसने  असर  की  नमाज़ तर्क की उस के जिस्म से ताक़त ख़त्म कर दी जाती है 

जिसने मग़रिब की नमाज़ तर्क की उसको औलाद से कोई ख़ुशी नसीब न होगी 




जिसने ईशा की नमाज़ तर्क की उस की नींद से राहत ख़त्म कर दी जाती है 

2 comments:

  1. वाह!! सलीम जी....
    बहुत खूब....
    आपको फिर से यहाँ देखकर अच्छा लगा....

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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