Saturday, June 19, 2010

पित्र दिवस पर डा श्याम गुप्त के दो दोहे....


शत आचार्य समान है, श्याम' पिता का मान |
नित प्रति वंदन कीजिये, मिले धर्म संज्ञान ||

विद्या दे और जन्म दे , औ संस्कार कराय |
अन्न देय, निर्भर करे, पांच पिता कहालायं ||

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--- संजय सेन सागर

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