Saturday, April 10, 2010

ॐ जय महगाई माता॥


ॐ जय महगाई माता॥ ॐ जय महगाई माता॥

बीस रुपिया के.जी आटा बिक जाता... ॐ जय महगाई माता॥

तुम गरीबो को भूखे पेट सुलाती॥

उनकी दशा देख तू मनही मन मुस्काती॥

तुम बेईमानो की अम्मा उन्ही की भाग्य विधाता॥

ॐ जय महगाई माता॥

तुम आंसू देने वाली हम हंस के पी जाते॥

धुप छआव में चल कर जीवन जी जाते ॥

बच्चे भूखे रोते तुम्हे दया नहीं आटा॥

ॐ जय महगाई माता॥

सुविधा से रहे वंचित घुट घुट कर जिए॥

दूध की जगह पानी नदिया वाला पिए॥

तेरी गति की पहिया शायद अब रूक जाता॥

ॐ जय महगाई माता॥

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