Wednesday, April 14, 2010

हे सूरज की किरणों..


हे सूरज की किरणों ॥

बड़ी तुम महान हो॥

रोग द्वेष दूर करती॥

वेदों की ज्ञान हो॥

हे सूरज की किरणों ॥
बड़ी तुम महान हो॥

तुम्ही हो दवाई॥

तुम्ही हो वेवायी॥

तुम्ही तो मेरे जीवन पे॥

मेहर वान हो॥

आती जब आलस ॥

हवाए हिलाती॥

शक्ति जिंदगीमें॥

हंस के झुलाती॥

तुम्ही मेरे जीवन के॥

शब्दों के सार हो॥


2 comments:

  1. बहुत ही खूबसूरत रचना शम्भूनाथ जी

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  2. thankyou sen ji... agar aap ke paas time mile to kabhi baat kar lijiyegaa..
    09871089027

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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