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लो क सं घ र्ष !: न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के सवाल पर जंग

राज्यसभा में भ्रष्टाचार से आरोपित कर्नाटक उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश जस्टिस पि.डी. दिनाकरण पर महाभियोग की कार्यवाही लंबित हैउच्चतम न्यायलय चयन मंडल ने जस्टिस दिनाकरण को छुट्टी पर जाने की सलाह देकर उनकी जगह दिल्ली उच्च न्यायलय के जज जस्टिस मदन बी लोकुर को मुख्य न्यायधीश नियुक्त कर दिया थाअब जस्टिस दिनाकरण ने छुट्टी पर जाने से इनकार कर एक संविधानिक संकट खड़ा कर दिया है माननीय उच्च न्यायलय उच्चतम न्यायलय के न्यायधीशों को हटाने की प्रक्रिया वही है, जो प्रक्रिया देश के राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति की हैमाननीय न्यायधीश चाहे जितने भ्रष्ट हो जाएँ चाहे जितना निरंकुश हो जाएँ उन्हें महाभियोग के अतिरिक्त नहीं हटाया जा सकता है इसीलिए आज तक किसी भ्रष्ट न्यायमूर्ति को हटाया नहीं जा सका है लेकिन उन भ्रष्ट न्यायमूर्तियो ने निरंकुशता का परिचय नहीं दिया था और चयन मंडल की सलाह से छुट्टी पर चले गए थे लेकिन श्री दिनाकरण ने छुट्टी पर जाने से मना कर दियाविधायिका में आए दिन की उठापठक का असर दूसरे क्षेत्रों में भी पड़ता हैएक बार उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर श्री जगदम्बिका पाल बैठे और उनको कुर्सी से उतारने के लिए लखनऊ के जिला मजिस्टेट पुलिस अधिकारियो को हस्तक्षेप करना पड़ा थाश्री जगदम्बिका पाल को यह डर था कि जैसे वह कुर्सी से उठे की उनका मुख्यमंत्री पद चला जायेगा और हुआ भी यही था कि जैसे ही वह कुर्सी से उठे की उनका पद चला गया थान्यायपालिका में इस तरह की जंग उसकी गरिमा को नहीं बढाती है आम आदमी का आज भी विश्वास है कि कहीं से अगर न्याय नहीं मिलेगा तो हम उच्च न्यायलय ऊच्च्तम न्यालय से पा लेंगे उस आशा को यह जंग तोडती है

सुमन
loksangharsha.blogspot.com

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युवाओं में लोकप्रिय 'मस्तराम' पर बनेगी फिल्म, लेकिन नहीं होगी अश्लील

अखिलेश जायसवाल ‘मस्तराम’ नामक फिल्म बनाने जा रहे हैं। विगत सदी के मध्यकाल में ‘मस्तराम’ नामक काल्पनिक नाम से कोई व्यक्ति अश्लील किताबें लिखता था, जिन्हें उस दौर के अधिकांश कमसिन उम्र के लोग चोरी-छुपे पढ़ते थे। मध्यप्रदेश और राजस्थान तथा ग्रामीण महाराष्ट्र क्षेत्र में ‘भांग की पकौड़ी’ नामक अश्लील उपन्यास युवा लोगों में अत्यंत लोकप्रिय था। अध्यात्मवादी भारत में सेक्स विषय को प्रतिबंधित किया गया, इसलिए मस्तराम और भांग की पकौड़ी जैसी गैर वैज्ञानिक एवं नितांत घातक किताबें चोरी छुपे खूब पढ़ी गई हैं और 21वीं सदी में भी इस विषय को प्रतिबंधित ही रखा गया है तथा पाठ्यक्रम में कभी शामिल नहीं किया गया है, जिस कारण मनोवैज्ञानिक गुत्थियां कमसिन उम्र के अपने भूत रचती रही हैं। अखिलेश दावा कर रहे हैं कि वे मस्तराम की काल्पनिक आत्मकथा पर फिल्म रच रहे हैं और अश्लीलता से अपनी फिल्म को बचाए रखेंगे। कमसिन उम्र एक अलसभोर है, जिसमें अंधेरा ज्यादा और रोशनी कम होती है। आज इंटरनेट पर उपलब्ध अश्लील फिल्में कम वय के लोगों को जीवन के सत्य का एक अत्यंत काल्पनिक और फूहड़ स्वरूप उपलब्ध करा रही हैं। टेक्नोलॉजी ने अश्ली…

हीरों की चोरी

आमतौर पे जब भी ये बात होती है की अंग्रेजों ने किस सबसे कीमती हीरे या रत्न को अपने देश से चुराया है तो सबके ज़बान पे एक ही नाम होता है- कोहिनूर हीरा.जबकि कितने ही ऐसे हीरे और अनोखे रत्न हैं जो बेशकीमती हैं और जिन्हें विदेशी शाशकों और व्यापारी यहाँ से किसी न किसी तरह से ले जाने में सफल रहे.कितने तो ऐसे हीरे और रत्न हैं जो हमारे देश के विभिन्न मंदिरों से चुराए गए...इस पोस्ट में देखिये कुछ ऐसे दुर्लभ,अनोखे और अदभुत हीरे,जो हमारे देश में पाए गए लेकिन अब अलग अलग मुल्कों में हैं या फिर कहीं गुमनाम हो गए हैं.


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कोहिनूर के बारे में किसे नहीं पता, हर भारतीय को शायद ये मालुम होगा की यह बहुमूल्य हीरा फिलहाल ब्रिटिश महारानी के ताज की शोभा बढ़ा रहा है.105 कैरट  का कोहिनूर एक दुर्लभ हीरा है और यह हीरा आंध्र प्रदेश के गोलकुंडा खान में मिला था.गोलकुंडा खान बहुत समय तक(जब तक ब्राजील में हीरों की खोज नहीं हुई थी)विश्व में हीरों का एक मात्र श्रोत था.कोहिनूर हीरा कई राजा महराजाओं के पास से होता हुआ अंततः महाराज रंजीत सिंह के पास पंहुचा.महराज रंजीत सिंह की मरते वक्त ये आखरी ईच्छा(उनके वसीयत में भी इस ब…

रूसो का विरोधाभास ......

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