Tuesday, March 30, 2010

गीतिका: कद छोटा परछाईं बड़ी है... ---आचार्य संजीव 'सलिल'

गीतिका

संजीव 'सलिल'

कद छोटा परछाईं बड़ी है.
कैसी मुश्किल आई घड़ी है.

चोर कर रहे पहरेदारी
सच में सच रुसवाई बड़ी है..

बीवी बैठी कोष सम्हाले
खाली हाथों माई खड़ी है..

खुद पर खर्च रहे हैं लाखों
भिक्षुक हेतु न पाई पडी है..

'सलिल' सांस-सरहद पर चुप्पी
मौत शीश पर आई-अड़ी है..

*************************

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...