Wednesday, December 30, 2009

नया साल अब आयेगा..

नयी प्रभात की नहीं रोशनी॥
नया वर्ष अब आयेगा॥
नयी कली में फूल खिलेगे॥
भमरा गीत सुनाएगा॥
कर प्रतिज्ञा कर्मठ बनने को॥
मौसम आतुर हो जाएगा ॥
नयी नवेली सजेगी बगिया॥
पतझड़ भी मुस्काएगा॥
ऋतू बदलेगी पवन चलेगी॥
मौसम सुख बरसायेगा॥
तेरे आँगन में छोटा लल्ला॥
हंस के उधम मचाएगा॥

2 comments:

  1. naye saal ki shubkamnaye isse acche shabdo mein bayan nahi ho sakti
    aapko naye saal ki bahut si shubkamnaye

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  2. Sunehri dhoop barsaat k bad,
    thori si hansi her baat ke baad,

    usi tarah ho mubarak aap ko 2010, 2009 k baad.
    Wish u a Happy new year...

    ReplyDelete

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--- संजय सेन सागर

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