Friday, November 13, 2009

बाल दिवस

करते है बंदना हम॥
तुम दीप बनके दमको॥
करते है साधना हम॥
तुम फूल बन गामको॥
खुशिया हँसे तुम्हारी॥
तुम चाँद बन चमको॥
छूटे रहो शिखर को॥
तुम ज्ञान लेके निकलो॥
यही दुआ मेरी है ...
तुम महान बन के ॥
निकलो॥

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--- संजय सेन सागर

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