Saturday, October 31, 2009

माँ

माँ से मुझको राहत है
माँ ही मेरी चाहत है ।
माँ ऐसी हस्ती है
जिससे रौशन दिल की बस्ती है ।
माँ ने मुझको पाला है
पाला है और संभाला है ।
दुःख मेरे वोह सहती है
फिर भी खुश रहती है ।
देखकर वोह मुझे जीती है
मेरी बलाएं वोह लेती है ।
माँ के दम से आन है मेरी
माँ के दम से शान है मेरी।

2 comments:

  1. बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
    आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन


    SANJAY KUMAR
    HARYANA
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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--- संजय सेन सागर

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