Tuesday, October 6, 2009

गरीब का उपहार...

गुलदस्ता गरीब ने उपहार में दे दिया॥ लेकिन उपहार लेने वालो ने उसे कूदे में फेंक दिया॥ क्यो की वह गुलदस्ता गरीब ने कम रूपयों में खरीदा था॥ उस गुलदस्ते से अमरीकन सेंत की खुशबू नही आ रही थी॥ गरीब उदास मन लिए उस गुलदस्ते को उठा लिया॥ और अपने झोपडी में सजा दिया॥ यही गुलदस्ता उस झोपडी का पूर्णिमा का चाँद बन गया॥ अमरीकन गुलदस्ता एक हफ्ते बाद कूदे घर में पडा । है॥

2 comments:

  1. असाधारण शक्ति का गद्य। बधाई।

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  2. श्रीमान जी धन्यवाद.....

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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