Tuesday, September 29, 2009

मत जाना शहरवा॥

मन नही लागे जुदाई में ॥
कहा माना बलामुवा॥
पेट भर गवा बा कमाई से॥
मत जाना शहरवा॥
महला बाटे दुमहला बाटे॥
सोना बाटे चांदी बाटे॥
जान उवे अकेले रजाई में॥
कहा माना बलामुवा॥
विस्तर बाटे कपडा बाटे॥
खाना बाटे पानी बाटे॥
सोहे नही चूड़ी कलाई में॥
कहा माना बलामुवा॥
माई बाटी बाबू बाटे॥
भई बाटे बहिनी बाटी॥
मज़ा आवे तोहरे मितायी॥
कहा माना बलामुवा॥
मन नही लागे जुदाई में ॥
कहा माना बलामुवा॥
पेट भर गवा बा कमाई से॥
मत जाना शहरवा॥

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--- संजय सेन सागर

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