Friday, September 25, 2009

ऐसा होता है॥

भीनी-भीनी खुशबू लेकर॥
सपनो में मेरे संग सोता है॥
१६साल की उम्र में जाने ॥
क्यो दिल में हलचल होता है॥
मन में मेरे बस जाता है..
मै दीप जलाती नाम का उसके॥
दर्द समझता मेरा वह है॥
खुश हो जाती मिलकर जिससे॥
वही मेरा गिरधर गोविन्द है॥
वही मेरा रत्तू तोता है॥
१६साल की उम्र में जाने क्यो॥
ऐसा होता है॥

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--- संजय सेन सागर

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