Wednesday, August 12, 2009

ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥

हम जानी दिल हमरे टूटा॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥
केहू केहू कैघर बसाईट ॥
केहूँ केहू का लैके डूबा॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥
केहू केहू कयबाग़ साजाईस ॥
केहू केहू कय तोरिस खूंटा॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥
केहू केहू का हार पिन्हाईस
केहू केहू का मारिश जूता॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥
केहू केहू कय साथी बनिगा॥
केहू केहू का कहिस कलूटा॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥
केहू केहू का दूर भागाईस
केहू केहू कय आनंद चूसा॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥
केहू केहू का गले लगाईस ॥
केहू केहू कय दर्पण फूटा॥
ई प्रेम बवंडर सब का लूटा॥

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--- संजय सेन सागर

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