Friday, July 10, 2009

भ्रष्ट अफसरों की तो मौजा ही मौजा..


आज के दैनिक जागरण के १ प्रष्ट पर लिखा है की भ्रष्ट अफसरों पर सीधा केस नही चलेगा। उसमे तो यहाँ तक भी लिखा है की दोषी अफसरों पर सीधे मुक़दमे नही चलाये जायेगे। इसके लिए सरकार से इजाजत लेनी ही पड़ेगी।

अब ज़रा सोचिये की हमारे देश की क्या हालत है । कितने भ्रष्ट लोग और भ्रस्ताचार भरा है लोग kisase pareshaan केवल bhraShtaachaar से अब तो कोई भी साधारण आदमी भ्रष्ट अफसर और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कुछ भी नही कर पायेगा। इसके लिए उसे डर डर की ख़ाक छाननी पड़ेगी॥ फ़िर उस अफसर का बाल बांका नही होगा। क्यो की उसके लिए सरकार से इजाजत लेनी पड़ेगी । और वहा पर कौन होगा। भ्रष्टाचारी अफसर वह तो सरकार के मुख्या आदमी के पास पहुचने ही नही देगा। साड़ी दुनिया को पता है, की कोई भी सरकारी काम करवाने के लिए हमें घूंस देना पड़ता है, लेकिनहम उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते थे। उसके भन्दा फोड़ देते थे। लेकिन अब क्या होगा॥ इसका मतलब तो यही हुआ की जनता को उल्लू बनाना। हमारी सरकार के जो नेता है, उन्हें ऐसा नही करना चाहिया। जनता के ही वजह से वे सरकार के अंग होते है, अगर ऐसा होगा। तो एक दिन बहुत बड़ा विनाश हो सकता हो । जो जनता , सरकार,दोनों का नुकशान होगा। अगर सरकार यही निर्णय लेती है, जो दैनिक जागरण ने लिखा है तो भ्रष्ट अफसर की तो मौजा ही मौजा...

4 comments:

  1. हमारे कानून में किसी भी अधिकारी या राजनेता के खिलाफ सीधी कार्यवाही नहीं हो सकती है, जबकि उसके अधिकारी इसकी इजाजत नहीं दें। यह कानून नया नहीं है, यह संविधान निर्माण के समय का ही है। इसी कारण देश में कई बार लोकपाल विधेयक को लाने का प्रयास किया गया लेकिन उसे कभी भी पारित नहीं होने दिया गया। इस देश का कानून अंग्रेजों के कानून की नकल है, अर्थात उस समय राजा के लिए अलग कानून था और प्रजा के लिए अलग कानून था। इसी कारण इस देश से भ्रष्‍टाचार समाप्‍त होने की कल्‍पना भी नहीं की जा सकती। क्‍योंकि जो भी नौकरशाही या राजनेता भ्रष्‍टाचार करते हैं वे राजा की श्रेणी में आते हैं और उन पर कोई भी कानून तब तब लागू नहीं होता जब तक कि उनका अधिकारी नहीं चाहे। इसलिए देशवासियों को इस प्रसंग पर बहस करनी चाहिए और लोकपाल विधेयक को शीघ्र लागू करवाने की पहल करनी चाहिए।

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  2. bilkul sachai bayan kar ke rakh di hai aapne..badhai ho

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  3. aap ne shahi hi likhaa hai, jab tak lokpal vidheyak lagoo nahi hogaa. tab tak brasthaachaar aur bharastachari badhate rahege...

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  4. aap ki bat bilkul sahi hai per lokpal vidhyak netao aur adhikario ke liye aa bail mujhe maar wali bat hogi. to we ise kaise lagoo karenge is ke liye janta ko aage aana hi hoga. bus bhagwan bharat kabhi EGYPT na bane.

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--- संजय सेन सागर

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