Tuesday, June 16, 2009

Mohalle men Musalmanon ke liye koi jagah nahin !





3 comments:

  1. जो कहते है उन्हें कहने दो तुम इस्लाम की अच्छे और बुराइयों को लिखते रहो यही सब लोग एक दिन तुम्हे स्वीकार कर लेंगे...
    हिन्दुस्तान का दर्द के दरवाजे तुम्हारे लिए हमेशा खुले है !

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  2. जो कहते है उन्हें कहने दो तुम इस्लाम की अच्छे और बुराइयों को लिखते रहो यही सब लोग एक दिन तुम्हे स्वीकार कर लेंगे...
    हिन्दुस्तान का दर्द के दरवाजे तुम्हारे लिए हमेशा खुले है !

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  3. असल बात ये है संजय जी ये इसलाम की अछे बुरे कम लिखते है......बल्कि हिन्दू धर्म की बुराइयाँ ज्यादा लिखते है... इनकी जिस पोस्ट के लिए इन्हें मोहल्ले से निकला मिला है, वो मैंने दो चार दिन पहले ही पड़ी थी.... इन्हें उस पोस्ट पर वाजिब कमेन्ट मिले और मोहल्ले का अपने स्तर पर सही फैसला है... लिखो खूब लिखो पर ठीक मानसिकता के साथ, असली बात को लिखो, समाज में जो चल रहा है उस पर लिखो... इसलाम में तो बहुत अच्छी बातें लिखी है पर कितने मानते है और कितने लोग उसका गलत उपयोग कर रहे है... सबको दिख रहा है.. उस पर लिखो उसकी बुरे दूर करो.... दूसरों में मीन मेख निकलने से पहले अपने दोष दूर करो....

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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