Saturday, June 6, 2009

लो क सं घ र्ष !: मिली

मेरा यह सागर मंथन
अमृत का शोध नही है
सर्वश्व समर्पण है ये
आहों का बोध नही है


-डॉक्टर यशवीर सिंह चंदेल ' राही '

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...