Monday, June 1, 2009

कोई भूखा नही--

मेरे देश में ,
अब कोई भूखा नहीं मरता।क्योंकि अब-
देश मॆं बडे बडे बिज़नेस स्कूल हैं, 
शाही ठाठ-बाट से सजे,
आई आई एम व बहु राष्ट्रीय कम्पनियां हैं,
जो अरबों कमातीं हैं,
उन के कर्मचारी भी लाखों में पाते हैं ।
सरकारी कर्मचारी तो,्ड्यूटी पर विदेश जाते हैं,
ये देश में काम करते हैं,
पुरुष्कार लेने मलयेशिया जाते हैं ।

मेरे देश की चमचमाती सडकों पर,प्रतिपल-
तमाम स्कूटर,कार,टैक्सियां,फ़र्राटा भरतीं हैं, और-
पटरियों पर ,वातानुकूलित शताब्दी,राजधानी एक्स्प्रेस व-
मेट्रो दौडतीं हैं ।

मेरे देश में अब ,
बडे बडे माल,सुपर बाज़ार व
बहुमन्ज़िलीं इमारतों का मेला है।
हर जगह्कोल्ड-ड्रिन्क,ठन्डा, काफ़ी,
फ़ास्ट-फ़ूड,पिज़्ज़ा,बर्गर,आइस क्रीम व,
ब्रान्डॆड आइटम का रेलम पेला है।
टी वी,रडिओ व केबल पर,आइटम सोन्ग,व
आइटम कन्याओं का ठेलम-ठेला है ।

यहां हर गली में गुरू हैं,व हर कोई,
किसी न किसी का चमचा या चेला है ।

भूखा बही मरता है,जो-
हठेला है,
शान्त,स्वाधीन, अकेला है,
जवान का करेला है,
जिसका न कोई गुरू,
न चमचा न चेला है ।।


4 comments:

  1. bahut badhiya.........shandar vyang

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  2. वन्दना जी, धन्य्वाद, आपको व्यन्ग्य पसन्द आया। आपका ब्लोग देखा ,अच्छा लिख्ररहीं हैं, आप्के पोस्ट पर ,रवि की टिप्पणी व अन्य देखीं, पोस्ट लिखॆं या न लिखॆं आदि-आदि---सुनो सबकी, गुनो मन में,आत्म विश्लेष्ण स्वयम करें, पर करें मन की-----मेरे ब्लोग देखें--shyaamsahity श्याम साहित्य ,,The world of my thoughtd ,,&drsbg.wordpress.com

    "" तू गाता चल ए यार ,कोई कायदा न देख,
    कुछ अपना ही अन्दाज़ हो ,खुद्दारी गज़ल होती है ।""

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  3. बहुत खूब लिखा है आपने
    आप इसी तरह प्रगति के मार्ग पर आगे बढते जाये यही दुआ है

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  4. बहुत खूब लिखा है आपने
    आप इसी तरह प्रगति के मार्ग पर आगे बढते जाये यही दुआ है

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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