Wednesday, May 20, 2009

Loksangharsha: शान्ति चाहिए तो...

माननीय उच्चतम न्यायलय का कहना है ...
सुखी जीवन हेतु






















( हिन्दुस्तान अखबार से साभार )

3 comments:

  1. Court Ne Kha, Lekin Stithi Isse Ulat Hi Hai. Latiffo M Jaroor Ye Dekha Jata Hai Ki Patni Se Pareshaan Har Pati Hai. Isme Kitni Saccai Hai, Sab Jaante Hain...

    ReplyDelete
  2. मतलब जोरू का गुलाम बनने के आलावा को चारा नहीं है

    ReplyDelete
  3. मतलब जोरू का गुलाम बनने के आलावा को चारा नहीं है

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...