Sunday, May 10, 2009

कसाब को बिरयानी और खेल को देश निकाला


तो कसाब को आखिरकार वकील मिल ही गया। हजारो आतंकवादियो की तरह उसे भी पालने का जिम्मा मनमोहन सिंह ने उठा ही लिया। अब कसाब अंडा सेल में बिरयानी खाते हुए बीस साल तो आराम से निकल ही लेगा और इस बीच उसका कोई भाईजान फिर किसी विमान को हाइजैक कर के उसे पकिस्तान बुलाने का प्रबंध कर ही लेगा, कितना हास्यापद लगता है कि जिस कसाब को सरे देश ने टीवी पर गोलिया बरसाते देखा उसे पहचानने के लिए एक पुलिस अधिकारी को अदालत बुलाया जाता है। क्या इस कमीने को अदालत ने उस वक्त नही देखा जब वो वीटी स्टेशन पर सरेआम खून कि होली खेल रहा था। अजीब है यह देश कि यहाँ चुनाव का हवाला देकर आईपील देश से बाहर करवाकर भारत की नाक कट दी जाती है और कसाब की सुरक्षा के लिए ५० करोड़ देश की जनता के फूंक दिए जाते है। आतंकी की सुरक्षा और खेल को देशनिकाला देना क्या न्यायसंगत है। क्या अब सुरक्षा नही दे पाने के कारण एक दिन सरकार १५ अगस्त का तिरंगा भी दुसरे देश में लहरायेगे। हद है बेशर्मी की यह तो।

4 comments:

  1. चुनाव है आजमगढिये भाई लोगों का वोट लेना है ,आखिर हिन्दुस्तान के संसाधनों पर पहला हक मुसलिमों का है,काश्मीर में इसकी बानगी पंडितों की दुर्दशा देख सकते हैं अपने मजबूत प्रधान्मंत्री जी कर भी क्या सकते हैं

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  2. कसब को किस बात का न्याय दिलाएंगे वकील साहब?उसने जो किया...उसके बाद तो बहुत कुछ कह चूका है वो..अब उसे तुंरत फांसी देनी चाहिए वरना फिर कोई कंधार काण्ड होगा..और हमें अपमान सहना पड़ेगा...

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  3. नहीं अभी तो ये कहेंगे की तुमने कंधार जाके आतंकी छोडे थे हम कसब को पाकिस्तान जाके छोड़ के आयेंगे फिर भारत के लोगों से कहेंगे की असल में ये आतंकवादी हमला नहीं था ....... कांग्रेस की जनसँख्या नियंत्रण की नयी योजना थी ..... इन हमलो से भारत की जनसँख्या कम होगी और देश प्रगति करेगा ............. अरे इनका काम सिर्फ दलाली करना है ........... और कुछ नहीं

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  4. YEH JUSTICE KA PROCEDURE, SALO LAG JAYAGA AUR ANT MAY KAYA HOGA KOYI NAHI JANTA

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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