Thursday, May 21, 2009

हिंदुस्तान का दर्द: आचार्य संजीव 'संजीव'सलिल

हिंदुस्तान का दर्द
सिर्फ़ यही है
कि
दूसरों को
सुधारनेवाले
अनेक हैं,
पर ख़ुद को
सुधारनेवाला
कोई नहीं है॥

**************

3 comments:

  1. मेरा कहना है,

    "आईना घिस जायेगा, अब और न बुहारो यारो,
    गर्द तो चेहरे पे है एक हाथ फ़िरा लो यारो।"

    ReplyDelete
  2. बहुत सही कहा है सलिल जी ;

    क्या करें, आखिर मेरा देश है
    जैसा में हूं वैसा मेरा देश है।

    सम्मान के लिये बधाई भी स्वीकार करें

    ReplyDelete

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...