Friday, May 22, 2009

नई सरकार गठन --मजबूर जन-जन

जनता तो सदैव ही मजबूर है सिर्फ़ वोट देने के लिए , आगे मंत्री, पद,कार्य समिति, शासन आदि में तो न पहले कोई उसे पूछता था न अब लोकतंत्र में वोट के बाद तो खरीद फरोख्त पर भी कोई ध्यान नही देता वही ""कोऊ नृप होय हमें का हानीं । "" वही चहरे घूम घूम कर -जो मुद्दतों से कोई गुणात्मक कार्य नही कर पाये -आजाते हैं
जो करेंगे वही मानने, कराने, भुगतने को तैयार रहें। सदा की तरह । यथा स्थिति वाले लोग आगये।

1 comment:

  1. बिलकुल सही कहा लेकिन समय जरुर बदलेगा

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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