Friday, May 1, 2009

जब चलती मेरी गुडिया रानी..

जब चलती मेरी गुडिया रानी
बजाते घुंघरू पाँव में
आ जा लाली मेरी बाहों में॥
हर पल तुझको खुश रखूगी
हर खुशिया पह्नाऊगी॥
जो तू मागे हीरे मोती
अगर मिले तो लाऊगी॥
मेरी लाली खुशिया बिखराए॥
आ जा धुप से छाव में........................
रहा न हमको पुत्र मोह
तू ही मेरी तमन्ना है,,
इस जहा में नाम करोगी
हर पग तुझे सभलना है,,
सारा प्यार निछावर कर दू
बस मेरी आशाओं में॥
.......................................
लोग कहे गे एक दिन हस के
मेरा सपना सच्चा है,,
रोशन होगा नाम हमारा॥
तू ही मेरा बच्चा है,,
तुझसे प्यार करे जन सारा,।
खुशिया आए राहो में...

4 comments:

  1. बहुत उम्दा लिखा है
    इसी तरह लिखते रहिये

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  2. बहुत उम्दा लिखा है
    इसी तरह लिखते रहिये

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  3. बहुत उम्दा लिखा है
    इसी तरह लिखते रहिये

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  4. बहुत उम्दा लिखा है
    इसी तरह लिखते रहिये

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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