Thursday, April 30, 2009

देश तरक्की कब करता है,,

देश तरक्की कब करता है।
जब वाडे शासक का पक्का हो॥
दिल में एक उल्लास भरा हो ।
देश प्रेमी वह सच्चा हो॥
लोभ लालच से दूर रहे।
कर्तव्य निष्ठां से काम करे॥
जनता के सुख दुःख में शामिल हो॥
चोर नही न उचक्का हो॥
शान मान मर्यादा का
हरदम उसको ख्याल रहे॥
अपने देश के लगो पर
उसके प्रति सम्मान रहे॥
सच्चाई के पथ पर चल के
ग़लत चलन का ढाल न हो॥
तब उपवन हरे भरे रहेगे।
कोयल गीत सुनाएगी॥
खुशिया की रानी चल करके
फ़िर उसके घर को आएगी॥
ने इरादा रख करके
इंशा नही महान वह हो....

1 comment:

  1. पहले तो मैं आपका तहे दिल से शुक्रियादा करना चाहती हूँ की आपको मेरी शायरी पसंद आई!
    मुझे आपका ब्लॉग बहुत ही अच्छा लगा! आप बहुत सुंदर लिखते हैं!

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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