Wednesday, April 1, 2009

हिंदुस्तान का दर्द....
-- नाग साँप बिच्छू खड़े, जनता है मजबूर।
जिसे चुना वह डसेगा, हो सत्ता में चूर।।

-- तेंतीस प्रतिशत से अधिक, मिलें न जिसको मत।
जब्त जमानत हो 'सलिल', सुधरेगी कुछ गत।।

3 comments:

  1. सलिल जी
    नेताओं से अधिक जनता ज्‍यादा स्‍वार्थी है जो इनके दरवाजे पर लाइन लगाए खड़ी रहती है। सारे ही स्‍वार्थ के काम नेताओं के माध्‍यम से होते हैं। यदि हम जनता भी यह निश्‍चय कर ले कि अपने स्‍वार्थों की पूर्ति नहीं करेंगे तब इनकी दुकानदारी स्‍वत: बन्‍द हो जाएगी। किसी को अपना स्‍थानान्‍तरण कराना है, किसी को ठेका लेना है, किसी को और कोई काम है, तो फिर नेता तो फलेंगे और फूलेंगे ही न।

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  2. बहुत अच्छा लिखा है

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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