Saturday, April 25, 2009

मेरे देश का दिल अब रोता है।

मेरे देश का दिल अब रोता है।
पापियों के पाप से।
ये गंदे इंसान से॥
गन्दगी को धोता है॥
...................................
रोज़ धमाके यहाँ पे होते
दहशत चारो ओरहै।
अब्लाओ की इज्जत लुटती
महापाप ये घोर है॥
सरकारी नेता अफसर गन
बोते बीज संताप के॥
पापियों के पास से.....
..............................
गली गली गांजा दारू
बिकते खुलेआम है।
गुंडे गर्दी दादा गिरी
बच्चो के हाथ में जाम है॥
देश का शाशन ऐसे चलता
जैसे बिना लगाम के॥
पापियों के पाप से॥
.......................................
दस दस पग पर घपले होते
सौ मीटर पर चोरी।
मूक बधिर शाशन सत्ता है।
ऐसी क्या मजबूरी॥
जनता का माल हड़प जाते है॥
डरते न भगवान् से॥
पापियों के पाप से।
ये गंदे इंसान से॥
गन्दगी को धोता है॥
मेरे देश का दिल अब रोता है।

No comments:

Post a Comment

आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

लो क सं घ र्ष !: राजीव यादव की सरकारी हत्या का प्रयास

आजादी के बाद से आज तक के इतिहास में पहली बार भोपाल कारागार से आठ कथित सिमी कार्यकर्ता कैदियों को निकाल कर दस किलोमीटर दूर ईटी  गांव में...