Wednesday, April 22, 2009

साकर गली म नेता जी,,

गाव की साकरगलियां म
नेता जी रोजई जात अहा॥
माई दादा काकी चाचा से।
हाथ जोड़ बियात अहा॥
गाँव की खस्ता हाल देख के।
मन म बहुत लजात अहा॥
केऊकेऊ बोले अब आवा बाटे।
५ साल के बाद॥
काना फुंशी केऊ कराय।
कहे मारा घून्षा लात॥
जनता के बतिया सुन के
नेता जी सकुचात अहा॥
पानी सड़क न बिजली बाटे।
न सुविधा के नाम आहे॥
नदिया कैसे पार करी ।
बुधू दादा कहत अहा॥
नेता के आश्वाशन सुन के लोगे॥
नेता के बात ओनात अहा॥
जूता चप्पल खात अहा॥
महफ़िल म फ़िर से जात अहा॥

8 comments:

  1. भारतीय संबिधान में छेद हो चुके है और उन छेदों को जब भरा जाएँ तो ऐसी प्रथा ऐसा कानून बनाया जाना चहिये की आरोपी और असिक्षित चुनाव न लढ सके !

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  2. सेन साहब आप की बात से हम सहमत है, सविधान में संशोधन होना नितांत आवश्यक है,,

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  3. टिप्पणी के मोहताज ब्लागर

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  4. भारतीय सविधान में छेद की बात करते हो यार तो यह भी बता दीजिये की सविधान में कितने अन्नुचेद है नहीं तो मै बता देता हू

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  5. There are a total of 444 articles in Indian Constitution. It was 395 article in our constitution when it was formed. Our constitution contain 8 schedule at that time now total schedule are increased up to 12

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  6. नहीं है की टिप्पणी के मोहताज़ है. ब्लोगेर लेकिन ये भी सही है,अगर लोगो के अन्दर जो भी प्रतिभा है, उसे प्रोसाहित किया जाए तो उस प्रतिभार्थी के अन्दर निखार जरूर आता है, वैसे मई आप के बिचार से सहमत नहीं हूँ, फिर आप का सम्मान करना हमारा कर्तव्या है,, धन्यवाद.. शंभू नाथ

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आपका बहुत - बहुत शुक्रिया जो आप यहाँ आए और अपनी राय दी,हम आपसे आशा करते है की आप आगे भी अपनी राय से हमे अवगत कराते रहेंगे!!
--- संजय सेन सागर

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